मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में गेहूं की बेहतर पैदावार को देखते हुए समर्थन मूल्य पर खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से लगातार चर्चा की जा रही है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए मध्यप्रदेश को 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य दिया है, लेकिन उत्पादन अधिक होने के कारण यह लक्ष्य पार होने की संभावना है।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए 19.04 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 3 लाख अधिक है। अब तक 2.21 लाख किसानों से 95.17 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। इनमें से 75.57 लाख क्विंटल गेहूं का परिवहन भी हो चुका है। सरकार ने गेहूं बेचने वाले 1.06 लाख किसानों को अब तक 1091.33 करोड़ रुपए का भुगतान किया है।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते शुरुआती दौर में बारदानों की समस्या आई थी, लेकिन सरकार ने जूट बैग, पीपी बैग और अन्य विकल्पों की व्यवस्था कर समस्या का समाधान कर लिया। फिलहाल खरीदी के लिए पर्याप्त बारदाना उपलब्ध है। प्रदेश में किसानों से 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और 40 रुपए बोनस सहित कुल 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है।
वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है। पहले छोटे किसानों से, फिर मध्यम और बाद में बड़े किसानों से गेहूं खरीदेंगे।
भारत सरकार ने समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी के लिए 78 लाख मीट्रिक टन का कोटा निर्धारित किया है।
प्रदेश में गेहूं का उत्पादन इस…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) April 22, 2026
