मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग शनिवार को नर्मदापुरम संभाग का दौरा कर स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति और विकास कार्यों की समीक्षा करेगा। बैठक में संभाग के जिलों के कलेक्टर, नगर निकायों के अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। इससे पहले आयोग ने शुक्रवार को मंत्रालय में वित्त विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने कहा कि ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस रणनीति तैयार की जा रही है। इसके लिए संबंधित विभागों से आवश्यक आंकड़े और सुझाव मांगे गए हैं।

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बैठक में केंद्रीय और राज्य वित्त आयोग की अनुशंसाओं के आधार पर स्थानीय निकायों को मिलने वाले अनुदानों की स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही लेखांकन और ऑडिट व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने पर भी जोर दिया गया। आगामी सोलहवें वित्त आयोग के लिए आवश्यक वित्तीय आंकड़ों और योजनाओं पर भी चर्चा हुई। वाणिज्यिक कर विभाग ने जीएसटी लागू होने के बाद राज्य के राजस्व और क्षतिपूर्ति की जानकारी प्रस्तुत की। इस दौरान स्थानीय निकायों की आय बढ़ाने और कर संग्रहण व्यवस्था को मजबूत करने के उपायों पर विचार किया गया। वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने वित्त आयोग से प्राप्त राशि के उपयोग, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और ई-पंचायत जैसी योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। 

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अध्यक्ष पवैया ने कहा कि स्थानीय निकायों की केवल सरकारी अनुदानों पर निर्भरता कम करना जरूरी है। इसके लिए उनकी आय के आंतरिक स्रोतों को बढ़ाने, कर संग्रहण क्षमता मजबूत करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। आयोग विभिन्न विभागों से प्राप्त सुझावों के आधार पर अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगा।

 



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