मुख्यमंत्री मोहन यादव 14 मई को मंत्रालय में राज्य सरकार के 45 महत्वपूर्ण मुद्दों और योजनाओं की समीक्षा करेंगे। यह बैठक सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित होगी, जिसमें मंत्री वर्चुअल माध्यम से शामिल होंगे। बैठक में ग्रामीण और शहरी विकास, पेयजल, धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक विकास और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री जिन प्रमुख मुद्दों की समीक्षा करेंगे, उनमें ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि की मुफ्त रजिस्ट्री अभियान, ग्रीष्मकाल में पेयजल व्यवस्था, नर्मदा समग्र मिशन, राम वन पथगमन और कृष्ण पाथेय परियोजना, महाकाल मंदिर की तर्ज पर अन्य मंदिरों में होमगार्ड व्यवस्था, प्रदेश में नए एयरपोर्ट विस्तार, अग्निवीरों को आरक्षण और मंत्रालय में बायोमैट्रिक उपस्थिति जैसे विषय शामिल हैं। इसके अलावा पीएम मित्र पार्क और औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास आईटीआई संस्थानों को रोजगार से जोड़ने पर भी चर्चा की जाएगी। सरकार का फोकस योजनाओं की प्रगति और जमीनी क्रियान्वयन की स्थिति जानने पर रहेगा।

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21 मई से विभागवार समीक्षा

मुख्यमंत्री 17 मई को मंत्रियों के साथ वन-टू-वन बैठक करेंगे। इसके बाद 21 मई से विभागवार समीक्षा बैठकें भी करेंगे। इन बैठकों में संबंधित मंत्री, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और विभागाध्यक्ष मौजूद रहेंगे। बताया जा रहा है कि महत्वपूर्ण विभागों को अपनी प्रस्तुति के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा, ताकि योजनाओं की स्थिति और नई प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा हो सके। इन बैठकों में विभागों की नई योजनाओं, पुरानी योजनाओं की प्रगति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाएगी। सरकार का उद्देश्य विभागों की कार्यक्षमता बढ़ाने और लंबित मामलों में तेजी लाना बताया जा रहा है। 

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कैबिनेट विस्तार और बदलाव की अटकलें 

मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकों के साथ मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की चर्चाएं भी तेज हैं। सूत्रों के मुताबिक, सरकार कुछ मंत्रियों के कामकाज और प्रदर्शन की समीक्षा कर रही है। राजनीतिक स्तर पर यह भी चर्चा है कि आने वाले समय में मंत्रिमंडल में नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। वहीं, विवाद में रहने वाले मंत्रियों को हटाया जा सकता है। हालांकि सरकार या संगठन की ओर से अभी तक किसी संभावित फेरबदल को लेकर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। 

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