भारतीय रेल ने रेल सुरक्षा और ट्रेनों के संचालन को और मजबूत बनाने के लिए भोपाल मंडल के बीना-रूठियाई रेलखंड के 17 स्टेशनों के आधुनिकीकरण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर 44.52 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। रेलवे अब इन स्टेशनों पर अत्याधुनिक मल्टी सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर प्रणाली लगाएगा, जिससे ट्रेन संचालन पहले से ज्यादा सुरक्षित और तेज होगा। इस सिस्टम के लागू होने के बाद ट्रैक मॉनिटरिंग और सिग्नलिंग व्यवस्था और मजबूत होगी।

इन 17 स्टेशनों को मिलेगा हाईटेक सुरक्षा कवच

इस परियोजना के तहत महादेवखेड़ी, सेमरखेड़ी, कंजिया, मूंगावली, गुनेरू, पिपरई, रेहटवास, ओर, हिनौतिया, अशोकनगर, रातीखेड़ा, साढ़ोरा, पीलीघटा, पगारा, मावन, गुना और महुगढ़ा स्टेशन पर नई तकनीक लगाई जाएगी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक MSDAC प्रणाली ट्रैक पर ट्रेनों की मौजूदगी को अधिक सटीक तरीके से मॉनिटर करेगी, जिससे हादसों की आशंका कम होगी और ट्रेनों की आवाजाही ज्यादा सुचारु हो सकेगी।

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पश्चिम मध्य रेलवे के 43 स्टेशन होंगे अपग्रेड

पश्चिम मध्य रेलवे के तहत कुल 43 स्टेशनों पर सिग्नलिंग सिस्टम को आधुनिक बनाया जाएगा। इसके लिए रेलवे ने कुल 665.14 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। इटारसी-जबलपुर रेलखंड के 19 स्टेशनों पर 271.31 करोड़ रुपए और जबलपुर-मानिकपुर रेलखंड के 24 स्टेशनों पर 393.83 करोड़ रुपए खर्च कर पुरानी पैनल इंटरलॉकिंग प्रणाली को इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम से बदला जाएगा।

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कवच और ऑटोमेटिक सिस्टम से बढ़ेगी सुरक्षा

रेलवे का कहना है कि यह परियोजना भारतीय रेल की बड़ी आधुनिकीकरण योजना का हिस्सा है। हाई डेंसिटी रूट्स पर पहले से कवच, ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग और सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक कंट्रोल जैसी तकनीकों पर काम चल रहा है।

इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रेल संचालन की सुरक्षा, लाइन क्षमता और ट्रेनों की समयबद्धता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।



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