मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, किसान कल्याण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के लिए कुल 5 हजार 960 करोड़ रुपये से अधिक के प्रावधानों को स्वीकृति प्रदान की। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए 1 हजार 740 करोड़ 57 लाख रुपये की मंजूरी दी। इस योजना के तहत गरीब, जरूरतमंद, निराश्रित और निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्याओं, विधवाओं और परित्यक्ताओं को सामूहिक विवाह के अवसर पर 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 1 लाख 72 हजार 905 हितग्राहियों को 989 करोड़ 80 लाख 62 हजार रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की जा चुकी है।

शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए कैबिनेट ने शासकीय माध्यमिक विद्यालयों को हाई स्कूल और हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी स्कूल में उन्नत करने की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी। इसके तहत वर्ष 2026-27 में 75 माध्यमिक विद्यालयों को हाई स्कूल और 100 हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी स्कूल में अपग्रेड किया जाएगा। इसी प्रकार वर्ष 2027-28 और 2028-29 में भी प्रतिवर्ष 75 माध्यमिक और 100 हाई स्कूलों का उन्नयन किया जाएगा। इस योजना पर 635 करोड़ 24 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर हासिल करना है।  राज्य में हाई स्कूल का सकल नामांकन दर (जीईआर) 75 प्रतिशत तथा हायर सेकेण्डरी स्तर पर 55 प्रतिशत है। कक्षा 8 से 9 में कक्षांतरण दर 77 प्रतिशत और कक्षा 10 से 11 में 68 प्रतिशत है। विद्यालयों की दूरी अधिक होने होने के कारण विद्यार्थियों का प्रवेश कम होता है या वे नियमित रूप से उपस्थित नहीं रह पाते जिससे ड्रॉप आउट दर बढ़ती है इसलिए विद्यार्थियों की पहुँच में विद्यालय उपलब्ध कराकर उच्च नामांकन एवं निरंतरता सुनिश्चित करना इस निर्णय का मूल लक्ष्य है।

शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पकालीन फसल ऋण 

किसानों के हित में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पकालीन फसल ऋण देने की योजना में नई शर्तों को मंजूरी दी। अब खरीफ और रबी फसल के लिए अलग-अलग देय तिथि के स्थान पर वार्षिक एकल ऋण सीमा लागू होगी। प्रथम ऋण आहरण से 12 माह की अवधि तक ऋण चुकाने की सुविधा मिलेगी। किसानों को 1.25 प्रतिशत सामान्य ब्याज अनुदान और समय पर ऋण चुकाने पर 4 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान दिया जाएगा। प्रदेश में यह योजना वर्ष 2012-13 से लागू है और 3 लाख रुपये तक के अल्पकालीन फसल ऋण पर किसानों से कोई ब्याज नहीं लिया जाता। 

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शुजालपुर में विधि महाविद्यालय की स्थापना को मंजूरी 

कैबिनेट ने शाजापुर जिले के शुजालपुर में सत्र 2026-27 से नए शासकीय विधि महाविद्यालय की स्थापना को भी मंजूरी दी। इसके लिए 17 नए पदों के सृजन तथा 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। 

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सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए 3 हजार 580 करोड़ 

इसके अलावा लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत परिवहन और कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि हेतु 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की मंजूरी दी गई। वहीं पीएम जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत विद्युतीकरण कार्यों के लिए केंद्रांश पर देय एसजीएसटी राशि राज्य सरकार द्वारा वितरण कंपनियों को अंश पूंजी के रूप में उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया।

 

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