राज्य पुलिस सेवा (एसपीएस) के अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में पदोन्नति देने की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश में लंबे समय से प्रतीक्षित विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक गुरुवार को प्रस्तावित है, जिसमें वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड और पात्रता के आधार पर अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा। इस प्रक्रिया से नौ अधिकारियों को आईपीएस कैडर में शामिल होने का अवसर मिल सकता है। जानकारी के अनुसार, इस बार डीपीसी में वर्ष 1997, 1998 और 2000 बैच के अधिकारियों के मामलों पर प्रमुखता से विचार किया जाएगा। प्रदेश सरकार और पुलिस मुख्यालय द्वारा आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराए जाने के कारण प्रक्रिया अपेक्षाकृत जल्दी आगे बढ़ी है।

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पिछले वर्ष से लंबित पद भी होगा शामिल

जानकारी के मुताबिक पिछले वर्ष आईपीएस अवॉर्ड के लिए निर्धारित एक पद अंतिम निर्णय नहीं हो पाने के कारण रिक्त रह गया था। अब उस पद को भी इस वर्ष की चयन प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है। ऐसे में इस बार पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों की संख्या बढ़ सकती है।  इस पर सीताराम सतस्या, अंजना तिवारी, सत्येंद्र सिंह तोमर, समर वर्मा, अमृत मीणा, निमिषा पांडे, राजेश कुमार मिश्रा, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा पाठक सोनी, सुमन गुर्जर, संदीप मिश्रा, सव्यसांची सर्राफ के नाम पर विचार किया जाएगा। इसमें से कुछ अधिकारियों के सेवा अभिलेख, विभागीय मामलों अथवा अन्य तकनीकी कारणों को लेकर आपत्तियां सामने आ सकती हैं। यदि किसी अधिकारी के मामले में आपत्ति दर्ज होती है तो वरिष्ठता सूची में उनके बाद के अधिकारियों को अवसर मिलने की संभावना बन सकती है। 

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इस बार समय से पहले शुरू हुई प्रक्रिया

डीपीसी में अधिकारियों के वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (ACR), सेवा रिकॉर्ड, अनुशासनात्मक स्थिति तथा केंद्र सरकार के निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। चयनित अधिकारियों के नाम केंद्र सरकार और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की स्वीकृति के बाद अंतिम रूप से अधिसूचित किए जाएंगे। पुलिस विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सामान्यतः आईपीएस अवॉर्ड की प्रक्रिया वर्ष के उत्तरार्ध में आगे बढ़ती है, लेकिन इस बार प्रस्ताव अपेक्षाकृत जल्दी भेजे जाने से जून माह में ही डीपीसी की तारीख तय हो गई। इससे पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।

 



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