मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क रखने वाले फराज से पूछताछ में कई चैकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। एटीएस की रिमांड पर चल रहे मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्ला ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उसे मध्यप्रदेश में जिहादियों का पूरा नेटवर्क खड़ा करने की बड़ी जिम्मेदारी मिली थी।
फराज को पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क कराने वाले उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के देवबंद निवासी नईम को भी एमपी एटीएस ने चार दिन की रिमांड पर लेकर भोपाल आ गई है। दोनों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है। इसके बाद दोनों का आमना-सामना भी कराया जाएगा। फराज ने पूछताछ में खुलासा किया है कि पाकिस्तानी हैंडलर मध्यप्रदेश के मुस्लिम समाज के गरीब, अविवाहित और अपने संप्रदाय के प्रति कट्टरता का भाव रखने वाले युवकों को अपने साथ जोड़कर उन्हें जिहादी बनाने का फरमान मिलता था। काजीकैंप निवासी फराज उर्फ सैफुल्ला नेटवर्क खड़ा करने के लिए बेरोजगार, गरीब, 12वीं व स्नातक तक पढ़े-लिखे युवकों को टारगेट कर उन्हें अपने साथ जोड़ने के लिए कार्य कर रहा था। दर्जन भर युवक उसकी बातों से सहमत भी हो चुके थे। वह सोशल मीडिया में सक्रियता के साथ युवाओं का चयन भी यहीं से करने का प्रयास करता था, इसी कारण वह देश की जांच एजेंसी एनआईए के रडार पर आया। एनआईए की निशानदेशही पर एमपी एटीएस उस पर नजर रखी और पकड़ा गया।
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सोशल मीडिया ग्रुप्स के जरिए वीडियो भेजकर साझा करता था जानकारी
एटीएस की पूछताछ और पड़ताल में सामने आया कि संदिग्ध आतंकी मोहम्मद फराज टेलीग्राम और वॉट्सएप ग्रुप्स में युवाओं को जोड़कर वीडियो में जानकारी भेजकर उनसे साझा करता था और उन्हीं वीडियो में जिहादी मानसिकता का प्रदर्शन कर उन्हें अपने साथ कट्टरपंथी बनने के लिए ब्रेनवॉश भी करता था। वह संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े वीडियो भी भेजे हैं। एटीएस अब डिजिटल गतिविधियों, विदेशी फंडिंग और पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है।
सहारनपुर से नईम को भोपाल लाया गया
इधर फराज को पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क कराने वाला, मध्यप्रदेश में कट्टरपंथियों का नेटवर्क खड़ा करने और शरीयत कानून को लागू कराने के लिए जिहादी बनाने के लिए उकसाने की अहम कड़ी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के देवबंद निवासी नईम है। नईम फराज को छह साल पहले मिला था, इसके बाद से ही फराज जिहादी बिना। एमपी एटीएस ने नईम को भोपाल लाकर कोर्ट में पेश कर 16 जून तक की रिमांड पर लिया है। फराज पहले से 16 जून तक की रिमांड पर है।
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काजीकैंप स्थित घर में लगा ताला, परिजन फरार
एटीएस ने गुरुवार-शुक्रवार को तड़के फराज को काजीकैंप स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया था। इसके बाद सनसनी फैल गई। शनिवार को अचानक फराज का पूरा परिवार मकान में ताला लगाकर फरार हो गया है। वह किसी रिश्तेदार के यहां छिपे हुए हैं या प्रदेश छोड़कर फरार हो गए हैं, एटीएस अब इसका भी पता लगा रही है। इधर काजीकैंप के पास जिस क्लीनिक में फराज कार्य करता था, वह भी शनिवार से बंद है। फराज मोहल्ले के एक डॉक्टर के क्लीनिक पर काम करने से पहले बैटरी रिपेयरिंग का काम भी करता था। बैटरी रिपेयरिंग का कार्य अभी भी वह अपने घर से करता था। ऐसे में बैटरी के संबंध में उससे संपर्क रखने वालों की जानकारी भी एटीएस खंगाल रही है।
2047 तक शरिया कानून लागू करने पर कर रहा था कार्य
एटीएस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि वर्ष 2047 भारत में शरिया कानून लागू करने की योजना के लिए ही यह जिहादी नेटवर्क कार्य करने जा रहा था। शरिया कानून लागू करने की विचारधारा से प्रभावित होकर ही फराज कार्य कर रहा था। एटीएस मोबाइल डेटा से फराज के संपर्कों, गतिविधियों और कथित फंडिंग नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में अहम जानकारी खंगाल रही फराज चार वर्षों से टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर कई ग्रुप्स से जुड़ा हुआ था। एजेंसियां उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही हैं।
