प्रदेश में औद्योगिक विकास, स्वरोजगार और उद्यमिता को नई गति देने के उद्देश्य से रविवार को राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में  कार्यक्रम आयोजित होगा। “समृद्ध एमएसएमई–विकसित मध्यप्रदेश” थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव विभिन्न जिलों के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के उद्यमियों, स्टार्टअप प्रतिनिधियों और हितग्राहियों को सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रोत्साहन राशि वितरित करेंगे।

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कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उद्यमियों को भू-आवंटन पत्र, स्टार्टअप नीति के अंतर्गत स्वीकृत लाभ तथा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत युवाओं को विभिन्न हितलाभ भी प्रदान करेंगे। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम की विशेषता मुख्यमंत्री और उद्यमियों के बीच सीधा संवाद होगा। विभिन्न जिलों से आए उद्यमी और स्टार्टअप प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे तथा राज्य सरकार की योजनाओं और नीतियों से मिले लाभों की जानकारी देंगे। साथ ही वे उद्यमिता को और अधिक सरल, सुलभ और प्रभावी बनाने के लिए सुझाव भी प्रस्तुत करेंगे। 

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एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप कार्यक्रम में प्रदेश में औद्योगिक निवेश, उद्यमिता संवर्धन और रोजगार सृजन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देंगे। वहीं प्रमुख सचिव एमएसएमई राघवेंद्र सिंह विभाग की प्रमुख उपलब्धियों, योजनाओं और भावी कार्ययोजना पर प्रकाश डालेंगे। राज्य सरकार का मानना है कि एमएसएमई क्षेत्र प्रदेश की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है। नई औद्योगिक और निवेशोन्मुखी नीतियों के कारण प्रदेश में उद्योग स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। इससे युवाओं, महिलाओं और प्रथम पीढ़ी के उद्यमियों को नए अवसर मिल रहे हैं। 

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कार्यक्रम में उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि, बैंकिंग संस्थानों के अधिकारी, निवेशक, स्टार्टअप संस्थापक, युवा उद्यमी और विभिन्न जिलों से आए हितग्राही बड़ी संख्या में शामिल होंगे। सरकार का उद्देश्य युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है। इसी सोच के साथ यह कार्यक्रम उद्यमिता, नवाचार और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

 



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