इंदौर में अभी मानसून की आमद नहीं हुई है, लेकिन मानसून के आने का संदेश लेकर काले बादल रविवार को शहर में मंडराने लगे। रविवार सुबह शहर में कहीं तेज तो कहीं रिमझिम बारिश का दौर चला। इससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। जिन इलाकों में बोरिंग सूख चुके हैं और लोग जलसंकट झेल रहे हैं, उन्हें भी बोरिंगों में पानी आने की उम्मीद जगी है।

 

रविवार सुबह शहर में काले बादलों ने डेरा डाला। सुबह साढ़े चार बजे के बाद एरोड्रम, अन्नपूर्णा, सुदामा नगर, मोती तबेला सहित शहर के पश्चिमी हिस्से में तेज बारिश का दौर चला। सड़कें भीग गईं और सावनी बूंदों को तरस रहे पेड़-पौधों में भी जान आ गई। बारिश का दौर करीब दस मिनट तक चला। इससे मौसम सुहाना हो गया और तापमान भी लुढ़क गया।

 

पश्चिम के मुकाबले शहर के पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में तेज बारिश तो नहीं हुई, लेकिन बूंदाबांदी होती रही। काले बादलों के बीच बिजली की गड़गड़ाहट मानसून के आने का संदेश दे रही थी। मौसम विभाग का कहना है कि इंदौर संभाग के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो गई हैं और बारिश भी हो रही है। इंदौर संभाग और आसपास टर्फ लाइन सक्रिय है। इस कारण इंदौर व आसपास के हिस्सों में तेज हवा और बारिश का दौर चलेगा। इंदौर में जून माह में अब तक 26 मिलीमीटर बारिश हुई है। इंदौर में आमतौर पर मानसून 13 से 15 जून के आसपास आ जाता है। 

इस हफ्ते शहर में मानसून की आमद हो सकती है।रविवार को तापमान भी कम दर्ज होगा। शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री रहा, जो सामान्य से एक डिग्री ज्यादा था, जबकि रात का तापमान 26 डिग्री दर्ज किया गया।



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