प्रसिद्ध भगवान कालभैरव मंदिर में इन दिनों आस्था का अनूठा सैलाब देखने को मिल रहा है। मंदिर में शुरू की गई 500 रुपये की शीघ्र दर्शन व्यवस्था श्रद्धालुओं के बीच बेहद सफल साबित हुई है। इस सुचारू व्यवस्था के चलते महज पांच दिनों के भीतर कालभैरव मंदिर प्रबंध समिति को 25 लाख रुपये से अधिक की रिकॉर्ड आय प्राप्त हुई है। अकेले शनिवार को ही 1,876 श्रद्धालुओं ने रसीद कटवाकर दर्शन किए, जिससे समिति को एक ही दिन में 9 लाख 38 हजार रुपये का बंपर राजस्व मिला।
इस पूरी व्यवस्था को जमीनी स्तर पर अमलीजामा पहनाने में मंदिर प्रबंध समिति के व्यवस्थापक प्रभारी व पटवारी महेश देपन और मंदिर प्रशासक संध्या मार्कण्डय की टीम ने दिन-रात एक कर सराहनीय प्रयास किए हैं। इस शानदार सफलता और प्रबंधन पर जिला प्रशासन के मुखिया कलेक्टर रोशन कुमार सिंह एवं एडीएम एलएन गर्ग ने प्रसन्नता व्यक्त की है। हालांकि, वीकेंड पर उमड़ी अत्यधिक भीड़ और गर्भगृह छोटा होने के कारण व्यवस्था बनाने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए कलेक्टर के मार्गदर्शन में समिति ने एक बड़ा निर्णय लिया है। अब प्रत्येक शनिवार और रविवार को आम दर्शनार्थियों के लिए 500 रुपये वाली शीघ्र दर्शन व्यवस्था स्थगित रहेगी; इन दो दिनों में यह सुविधा केवल प्रोटोकॉल के तहत आने वाले दर्शनार्थियों को ही मिलेगी। मंदिर प्रबंध समिति अब आने वाले समय में आम श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए 250 रुपये शुल्क में गर्भगृह के बाहर से ही बिना कतार दर्शन कराने की वैकल्पिक योजना पर भी गंभीरता से विचार कर रही है।
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गर्भगृह छोटा – दरवाजा एक
कालभैरव मंदिर गर्भगृह छोटा है। इसमें दो दरवाजे हैं। जिसमें एक दरवाजे से आम श्रद्धालु के दर्शन (बाहर से) होते हैं। जबकि दूसरे से शीघ्र दर्शन के श्रद्धालु अंदर जाकर दर्शन करते हैं। इनके बाहर भी उसी दरवाजे से आना है, इस कारण दिनभर में सिर्फ सीमित लोगों को ही दर्शन कराए जा सकते हैं।
शनिवार-रविवार सिर्फ प्रोटोकॉल दर्शनार्थियों को सुविधा
शनिवार को अचानक भीड़ बढ़ने के कारण मंदिर समिति ने तय किया है कि शनिवार और रविवार को आम दर्शनार्थियों को शीघ्र दर्शन सुविधा नहीं दी जाए। सिर्फ प्रोटोकॉल से आने वाले दर्शनार्थियों को ही शीघ्र दर्शन कराएं। इस कारण रविवार को आम दर्शनार्थियों को शीघ्र दर्शन सुविधा नहीं दी गई।
वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार
मंदिर सूत्रों के मुताबिक समिति अब शीघ्र दर्शन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार कर रही है। जिसके तहत शीघ्रदर्शन के दर्शनार्थी को गर्भगृह में प्रवेश नहीं देते हुए बाहर से ही बिना कतार दर्शन कराए जा सकें। इसके लिए दर्शन शुल्क भी कम (करीब 250 रुपये) रखने पर विचार किया जा रहा है।

भगवान कालभैरव

भगवान कालभैरव के मंदिर में उमड़े भक्त
