इंदौर के पटेल नगर में हुए बावड़ीकांड के बावजूद शहर में कुएं-बावड़ियों पर निर्माण की लापरवाही जारी है। पहले जो निर्माण हुए, उन्हें तो तोड़ा नहीं जा रहा है, लेकिन अब नए निर्माण भी जलस्रोतों पर अतिक्रमण कर होने लगे हैं। इंदौर के भागीरथपुरा में 80 फीट गहरे कुएं पर मंदिर निर्माण जारी है। इसकी शिकायत जब प्रशासन के पास पहुंची तो अफसरों ने निर्माणकर्ता को नोटिस थमा दिया, हालांकि निर्माण अभी भी जारी है।

 

मंदिर को लेकर कलेक्टर कार्यालय में हुई शिकायत के बाद एक टीम जांच करने पहुंची थी, तो पता चला कि ग्राम भागीरथपुरा स्थित सर्वे नं. 119 के पैकी भाग पर निर्माणाधीन मंदिर है। वर्तमान खसरे में सर्वे नंबर 119 के 9 बंटांकन दर्ज हैं। यह भूमि निजी मद की है। बजरंग मंदिर सड़क किनारे होने के कारण रोड चौड़ीकरण में मंदिर का अधिकतर हिस्सा जा रहा है।

 

इस कारण पीछे की ओर लगभग 19×30 वर्गफुट के प्लॉट पर मंदिर निर्माण का कार्य चल रहा है और उसी प्लॉट के पास 5×5 वर्गफुट गोलाई में बना हुआ कुआं था, जिसे मुरम व लोहे के गार्डर डालकर भर दिया गया है, जिस पर मंदिर बनाया जा रहा है। कुएं से वर्तमान में केवल 1 फुट का पाइप बाहर निकला हुआ है, जिसका उपयोग बोरिंग के रूप में किया जा रहा है। निर्माण स्थल पर स्लैब डाली जा चुकी है। जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि निर्माण भविष्य में जनहानि का कारण बन सकता है, क्योंकि पुराना कुआं नीचे है और भविष्य में धंसने की संभावना बनी हुई है।

 

उधर इस बारे में मंदिर निर्माण कर रहे कश्यप परिवार का कहना है कि मंदिर वर्षों पुराना है। सड़क चौड़ीकरण में आगे का हिस्सा टूट रहा है, इस कारण खाली जमीन पर मंदिर बनाया जा रहा है। कुएं पर अतिक्रमण की बात झूठी है। आपको बता दे कि दो साल पहले इंदौर में बावड़ी पर मंंदिर बना थ। स्लैब धंसने के कारण बावड़ी में गिरने से 35 लोगों की मौत हो गई थी। 



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