मौसम के बदलते मिजाज के बीच इंदौर में रातें अब बेहद ठंडी हो गई हैं। साल के सबसे गर्म दिनों के रूप में पहचाने जाने वाले नौतपा की विदाई की रात ने ठंडक के मामले में बीते कई दशकों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। मंगलवार रात इंदौर का न्यूनतम तापमान सामान्य से बेहद नीचे गिरकर 18.6 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह तापमान इंदौर में जून के महीने के इतिहास में दर्ज किया गया अब तक का दूसरा सबसे कम तापमान है। इस लिहाज से कल की रात जून महीने के इतिहास की दूसरी सबसे ठंडी रात के रूप में दर्ज हो चुकी है। इस बदलाव की मुख्य वजह मंगलवार शाम से लेकर देर रात तक चली तेज हवाएं और करीब आधा इंच तक हुई झमाझम बारिश रही, जिसने वातावरण में अचानक भारी ठंडक घोल दी। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस सप्ताह शहर और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश का यह दौर जारी रहने की पूरी संभावना है। वहीं बुधवार को दिन का पारा 38.5 पर रहा। 

आंधी और बारिश ने बदली मौसम की करवट

मौसम केंद्र से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार शाम से लेकर रात के दरम्यान शहर में लगभग 0.4 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। अगर दिन के तापमान की बात करें तो मंगलवार का अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो सामान्य तापमान से 2 डिग्री कम था, हालांकि यह इससे एक दिन पहले के तापमान की तुलना में 0.1 डिग्री अधिक रहा। वहीं इसके विपरीत रात से लेकर सुबह के बीच न्यूनतम पारे में भारी गिरावट आई और यह 18.6 डिग्री पर टिक गया, जो इस सीजन के सामान्य रात के तापमान से 7 डिग्री कम और पिछले दिन की रात की तुलना में 3.5 डिग्री कम रहा। इस मौसमी बदलाव के दौरान हवाओं का रुख पूरी तरह से पश्चिमी बना रहा और आंधी की अधिकतम रफ्तार 81 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी। इस तेज रफ्तार के कारण शहर के कई हिस्सों में धूलभरी आंधी चली और बिजली की कड़कड़ाहट के साथ कहीं तेज तो कहीं हल्की बौछारें पड़ीं। विशेषज्ञों का कहना है कि आज और आने वाले अगले तीन दिनों तक मौसम का यही मिजाज बने रहने की उम्मीद है, हालांकि रात्रिकालीन तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

फुहारों के दौर से मिली तीखी तपिश से राहत

इंदौर शहर में पिछले कुछ दिनों से पारे के ग्राफ में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम में आए इस बड़े बदलाव की शुरुआत 30 मई से ही हो गई थी, जिसके बाद से शहर में लगातार हल्की फुहारें पड़ने का सिलसिला बना हुआ है। आसमान से बरसती इन नन्ही बूंदों ने नौतपा की तीखी और झुलसाने वाली गर्मी को पूरी तरह से पछाड़ दिया है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अब क्षेत्र में प्री-मानसून और बारिश की गतिविधियां लगातार जारी रहने वाली हैं। यदि आने वाले दिनों में बीच-बीच में कुछ समय के लिए बादल छंटते भी हैं और धूप निकलती है, तो भी तापमान में कोई बहुत बड़ा उछाल देखने को नहीं मिलेगा, बल्कि ऐसी स्थिति में सिर्फ उमस का प्रभाव थोड़ा बढ़ सकता है। कुल मिलाकर अब भीषण गर्मी की वापसी की कोई संभावना नहीं है और आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने के बाद दिन के अधिकतम तापमान में भी और बड़ी गिरावट आएगी, जिससे लंबे समय से भीषण तपन झेल रहे नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।

छह साल पुराना रिकॉर्ड टूटने से बचा

मौसम विभाग के ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो इससे पहले जून के महीने में सबसे कम न्यूनतम तापमान का रिकॉर्ड आज से ठीक छह साल पहले वर्ष 2020 में 4 जून की रात को दर्ज किया गया था। उस दौरान इंदौर का पारा गिरकर 18.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो बीती रात दर्ज किए गए तापमान से महज 0.2 डिग्री ही कम था। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर कल रात के तापमान में मामूली सी गिरावट और दर्ज हो जाती, तो यह रात जून के इतिहास की अब तक की सबसे ठंडी रात का नया रिकॉर्ड बना देती। इस सूची में तीसरा स्थान अब से लगभग 68 साल पहले दर्ज हुआ था, जब 12 जून 1958 को शहर का न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, जिसे कल रात की ठंडक ने पीछे छोड़ दिया है।



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