इंदौर के नंदानगर क्षेत्र में सोमवार को बिजली विभाग के कर्मचारियों को एक अनोखी और चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना करना पड़ा। तेज हवा के कारण हाईटेंशन लाइन पर गुल्लर के पेड़ की एक बड़ी टहनी गिर गई, लेकिन परेशानी केवल यहीं तक सीमित नहीं रही। जिस पेड़ की टहनी बिजली लाइन पर गिरी थी, उसी पर मधुमक्खियों का एक बड़ा छत्ता भी लगा हुआ था। मधुमक्खियों के हमले के खतरे के कारण बिजलीकर्मी घंटों तक लाइन से टहनी नहीं हटा सके, जिससे क्षेत्र के करीब एक हजार घरों की बिजली पांच घंटे तक बाधित रही।

मंत्री और विधायक के घर की बिजली भी रही गुल

बिजली बाधित होने से नंदानगर क्षेत्र के करीब एक हजार घर प्रभावित हुए। इस दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और विधायक रमेश मेंदोला के घर की बिजली आपूर्ति भी ठप रही। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने कई बार बिजली बहाल करने का प्रयास किया, लेकिन मधुमक्खियों के खतरे के कारण सफलता नहीं मिल सकी।

दो बार कोशिश के बाद भी नाकाम लौटी टीम

बिजली विभाग की टीम इंजीनियर अजय कुमार और इमरान कुरैशी के नेतृत्व में दो बार मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने टहनी हटाने की कोशिश की, लेकिन मधुमक्खियों के संभावित हमले को देखते हुए उन्हें वापस लौटना पड़ा। स्थिति को देखते हुए टीम ने अंधेरा होने का इंतजार करने का फैसला किया। अधिकारियों का मानना था कि रात के समय मधुमक्खियां अपेक्षाकृत शांत रहती हैं और हमले की आशंका कम होती है।

शाम सात बजे शुरू हुआ ऑपरेशन, जोखिम उठाकर हटाई टहनी

शाम करीब सात बजे बिजली विभाग ने दोबारा अभियान शुरू किया। क्रेन की मदद से दो कर्मचारियों को ऊपर भेजा गया, जिन्होंने जोखिम उठाते हुए हाईटेंशन लाइन पर गिरी टहनी तक पहुंच बनाई। काफी सावधानी बरतते हुए कर्मचारियों ने टूटी हुई टहनी को काटकर हटाया। इसके बाद लाइन को सुरक्षित घोषित किया गया और करीब पांच घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी।

रहवासियों को घरों में रहने की दी गई सलाह

लाइन पर गिरी टहनी को हटाने से पहले बिजली विभाग ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। मधुमक्खियों का छत्ता गिरने की आशंका को देखते हुए आसपास के रहवासियों को घरों के भीतर रहने और खिड़की-दरवाजे बंद रखने की सलाह दी गई। इसके साथ ही सड़क पर यातायात भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। टहनी हटाने और क्षेत्र को सुरक्षित घोषित करने के बाद ही बिजली आपूर्ति दोबारा शुरू की गई।

तेज आंधी से शहरभर में हुआ नुकसान

गौरतलब है कि सोमवार को इंदौर में करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चली थीं। आंधी के कारण शहर के कई इलाकों में पेड़ गिर गए, जिससे बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई। नंदानगर की घटना इसी मौसमीय बदलाव का परिणाम रही, जहां एक पेड़ की टहनी और मधुमक्खियों के छत्ते ने बिजली विभाग के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी।



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