उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया में कितने गांव शामिल होंगे, इसकी अधिसूचना जारी होने के साथ ही गांवों की सूची भी सार्वजनिक कर दी गई है। इंदौर और आसपास के छह जिलों के कुल 2781 गांव इस क्षेत्र में शामिल किए गए हैं। सरकार की ओर से शामिल जिलों, तहसीलों और गांवों की विस्तृत सूची भी जारी की गई है। इस क्षेत्र में इंदौर जिले के सर्वाधिक 654 गांव शामिल हैं।

 

आखिरकार उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया का नोटिफिकेशन जारी हो गया है। मप्र महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम-2025 की धारा 3(1) के तहत नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के गठन की अधिसूचना जारी की है। इसमें इंदौर और उज्जैन सहित छह जिले शामिल किए गए हैं।

एरिया नोटिफिकेशन के अनुसार इंदौर के 654 गांव, देवास के 593, उज्जैन के 624, धार के 224, शाजापुर के 546 और रतलाम के 140 गांव इस क्षेत्र में शामिल किए गए हैं। इस मेट्रोपॉलिटन एरिया में इंदौर-उज्जैन सहित छह जिलों की 75.34 लाख आबादी शामिल होगी।

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इंदौर जिले का पूरा हिस्सा शामिल होने के कारण इसकी आबादी का प्रतिशत 100 रहेगा, जबकि उज्जैन का 59 प्रतिशत, देवास का 41 प्रतिशत, धार का 18 प्रतिशत, शाजापुर का 90 प्रतिशत और रतलाम का 22 प्रतिशत हिस्सा इस क्षेत्र में शामिल किया गया है। धार जिले के पीथमपुर को विशेष रूप से इस एरिया में जोड़ा गया है। लगभग 75 लाख की आबादी को ध्यान में रखकर इस क्षेत्र का निर्धारण किया गया है।


 

इंदौर और आसपास के छह जिलों का कुल क्षेत्रफल 33 हजार वर्ग किलोमीटर से अधिक है, लेकिन मेट्रोपॉलिटन एरिया में कुल 16,000.87 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र ही शामिल किया गया है। कंसल्टेंट कंपनी मेहता एसोसिएट्स इसकी प्लानिंग पर काम करेगी। इस एरिया की अधिसूचना जारी होने के बाद इंदौर का मास्टर प्लान भी अब जारी हो सकता है, क्योंकि क्षेत्र निर्धारित नहीं होने के कारण मास्टर प्लान लंबे समय से अटका हुआ था।



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