नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। बेहट-हस्तिनापुर के बीच फुले का पुरा गांव के पास मंगलवार-बुधवार की रात 2.30 बजे दिल दहला देने वाला भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रक और डंपर की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हुई। इसके बाद डीजल टैंक फटने से डीजल सड़क पर फैला और चंद सेकंड में ही आग लग गई। आग की लपटों ने ट्रक और डंपर को चारों ओर से घेर लिया।
केबिन में फंसे दोनों चालक जिंदा जल गए। दोनों ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां यहां पहुंचीं, तब तक तो दोनों चालक और ट्रक पूरी तरह जल चुके थे। शवों को केबिन काटकर बाहर निकालना पड़ा। हादसा इतना भयावह था कि रात में मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी और ग्रामीणों के रोंगटे खड़े हो गए। शवों को बाहर निकालने के लिए सुबह करीब पांच बजे तक मशक्कत चलती रही। ग्रामीणों ने भी मदद की। दोनों के शव पोस्टमार्टम हाउस भिजवाए गए।
तेज रफ्तार और मोड़ बना काल
मुरैना के बंगरौली का रहने वाला सुरेंद्र सिंह गुर्जर ट्रक चालक था। वहीं दतिया का रहने वाला जितेंद्र सिंह गुर्जर रेत का डंपर चलाता था। जितेंद्र रेत उतारने के बाद खाली डंपर लेकर दतिया की ओर से डंपर आरजे 11 जीइ 3752 लेकर जा रहा था। वहीं ग्वालियर की ओर से ट्रक एमपी07 जेडपी 3610 लेकर सुरेंद्र सिंह गुर्जर जा रहा था।
रात करीब 2.30 बजे बेहट-हस्तिनापुर मार्ग पर फुले का पुरा गांव के पास ही मोड़ पर अचानक दोनों वाहन आमने-सामने आ गए। दोनों ही खाली थे, इसलिए करीब 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में दौड़ रहे थे। आमने-सामने भीषण टक्कर हुई। इसके बाद डीजल टैंक फटा और आग लग गई।
केबिन में फंसे रहे चालक, चंद सेकंड में घिरे आग से
ट्रक और डंपर के केबिन एक-दूसरे में घुस गए थे, इसलिए दोनों चालक बाहर तक नहीं निकल सके। दोनों अंदर फंसे रहे और चंद सेकंड के भीतर ही आग की लपटों से दोनों वाहन घिर गए। आग लगने पर यहां से गुजर रहे वाहन चालक रुके। फिर ग्रामीण भी आ गए।
कुछ देर में बेहट पुलिस मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड यहां पहुंची तब तक तो दोनों वाहन और चालक पूरी तरह जल गए थे। चालकों की यहीं मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शी बोले- सड़क पर पड़ा था डीजल, आग का गोला बने ट्रक-डंपर
चश्मदीदों के मुताबिक हादसा इतना जबरदस्त था कि टक्कर की आवाज आसपास के गांव तक सुनाई दी। जब लोग यहां पहुंचे तो सड़क पर डीजल पड़ा हुआ था। ट्रक और डंपर आग का गोला बन चुके थे। चालक चीख रहे थे। पानी डालने का प्रयास ग्रामीणों ने किया, डंडे से केबिन तोड़ने की कोशिश की।
लेकिन आग की लपटें इतनी भीषण उठ रही थीं कि कोई एक मिनट भी इसके सामने नहीं टिक पा रहा था। आखिर चीख सिसकियों में बदल गई और अंदर ही दोनों चालकों ने दम तोड़ दिया। दोनों हाथ पटकते रहे, निकलने के लिए प्रयास करते रहे लेकिन निकल नहीं सके। यहां रहने वाले गोविंद परिहार का कहना है कि अफसोस है, हम उन्हें बचा नहीं सके।
फॉरेंसिक टीम ने सुबह की जांच
हादसे की फॉरेंसिक जांच के लिए पुलिस द्वारा फॉरेंसिक एक्सपर्ट को बुलाया गया। दोनों वाहनों के अवशेष लिए गए और टायर मार्क देखे गए।
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रात को ट्रक और डंपर आमने-सामने टकरा गए। इसमें दोनों ही चालक केबिन में फंस गए। डीजल टैंक फटने से आग लग गई, जिसमें दोनों चालक वाहन सहित जल गए और इनकी मौत हो गई। शवों का पोस्टमार्टम कराकर स्वजनों के सुपुर्द कर दिया है। – महावीर सिंह, थाना प्रभारी, बेहट
