इंदौर में जलसंकट के बीच पानी की टंकी निर्माण रुकने का मामला सामने आया है। जिन परिवारों ने टंकी निर्माण पर आपत्ति जताते हुए कोर्ट में याचिका दायर की, उनके घर सांसद शंकर लालवानी के साथ रहवासी पहुंचे और उन्हें निर्माण के लिए राजी करने की कोशिश की। कुछ लोगों ने हाथ जोड़कर मनाया, जबकि कुछ ने नारेबाजी कर विरोध जताया।दरअसल, टंकी निर्माण शुरू होते ही निर्माण स्थल के पास रहने वाले परिवारों ने कोर्ट से स्टे ले लिया, जिसके बाद काम रुक गया।
क्षेत्रीय पार्षद नंदू पहाड़िया ने बताया कि टंकी की योजना बनाते समय संबंधित परिवार सहमत थे, लेकिन काम शुरू होने के बाद उन्होंने स्टे ले लिया। उनका कहना है कि टंकी का निर्माण उनके बंगलों के बहुत करीब हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन टंकी की क्षमता कम करने के प्रस्ताव पर भी तैयार है और यह प्रस्ताव परिवारों को दिया जा चुका है।
रहवासियों के अनुसार, रानी सती क्षेत्र और आसपास के मोहल्लों में पानी की भारी किल्लत है, क्योंकि यहां पानी की सप्लाई यशवंत क्लब और मालवा मिल की टंकियों से होती है। लंबे समय से नई टंकी की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसके लिए वितरण लाइन और मुख्य पाइपलाइन भी बिछाई जा चुकी है, लेकिन टंकी के लिए खुदाई शुरू होते ही मामला कोर्ट पहुंच गया।
गुरुवार को सांसद के साथ पहुंचे रहवासियों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर लिखा था “टंकी बनने दो, जलसंकट से हमें बचाओ।” फिलहाल कोर्ट से स्टे मिलने के बाद संबंधित परिवार टंकी निर्माण के लिए तैयार नहीं हैं।
