इंदौर के जीवनरेखा मार्ग कहे जाने वाले एमजी रोड पर स्थित शास्त्री ब्रिज पर रेलवे द्वारा नया ब्रिज बनाया जाएगा। वर्तमान में यह ब्रिज दो लेन का है, लेकिन नया ब्रिज चार लेन का बनाया जाएगा। पुराने ब्रिज को तोड़कर नया निर्माण करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होगा, क्योंकि इसके लिए यातायात को अन्य मार्गों पर डायवर्ट करना पड़ेगा। रेलवे ने इस निर्माण कार्य की समयसीमा लगभग डेढ़ वर्ष तय की है।
नए ब्रिज की ऊंचाई जमीन से लगभग सात मीटर रखी जाएगी, ताकि रेलवे स्टेशन के विस्तार में कोई बाधा न आए। ब्रिज के नीचे से ट्रेनों का आवागमन भी सुचारू रूप से जारी रहेगा। इसके लिए ब्रिज की डिजाइन ‘वाई-डक्ट’ आधार पर तैयार की जाएगी।
निर्माण से पहले मौजूदा सीवर लाइन को स्थानांतरित कर नई सीवर लाइनें बिछाई जाएंगी, ताकि जल निकासी व्यवस्था बाधित न हो। इसके अलावा बिजली के खंभों और स्ट्रीट लाइटों को भी स्थानांतरित किया जाएगा। ब्रिज के दोनों ओर सर्विस रोड भी बनाई जाएगी।
हालांकि भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए इसे छह लेन का बनाए जाने की योजना थी, लेकिन फिलहाल चार लेन ब्रिज को ही मंजूरी मिली है। लगभग तीन महीने पहले रेलवे अधिकारियों ने पुराने ब्रिज का निरीक्षण भी किया था।
मौजूदा शास्त्री ब्रिज लगभग 72 वर्ष पहले बनाया गया था और यह शहर के पुराने पुलों में से एक है। समय के साथ इसके कई हिस्से कमजोर हो चुके हैं। हाल ही में ब्रिज का एक हिस्सा धंस भी गया था और कई जगहों पर प्लास्टर उखड़ चुका है।पुराने ब्रिज की लंबाई लगभग 400 मीटर है, जबकि नया ब्रिज 438 मीटर लंबा बनाया जाएगा। इसके कारण रीगल तिराहे को भी नए सिरे से डिजाइन करना होगा।
