तीन साल पुरानी एक शिकायत की रंजिश आखिरकार खूनी हमले में बदल गई। शिवपुरी के देहात थाना क्षेत्र की लुधावली बस्ती में महिला आरती प्रजापति पर लाठियों से हमला करने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें घटनास्थल पर लेकर पहुंची और जुलूस निकालकर कानून का संदेश दिया।

घटना 26 मई की रात की है। जानकारी के मुताबिक आरती प्रजापति का अपनी पड़ोसी ज्योति बाल्मीक से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। कहासुनी बढ़ने पर ज्योति ने अपने साथियों जीतू पाल, सूरज बाल्मीक और तुलसी आदिवासी को बुला लिया। इसके बाद चारों ने मिलकर आरती पर लाठियों से हमला कर दिया। पूरी वारदात इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। हमले में गंभीर रूप से घायल आरती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक उसका इलाज चला। पीड़िता की शिकायत पर देहात थाना पुलिस ने ज्योति बाल्मीक, जीतू पाल और अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।

थाना प्रभारी विकास यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों के बयान के आधार पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपियों को उसी गली में लेकर पहुंची जहां वारदात हुई थी। यहां उनका जुलूस निकाला गया। इस दौरान आरोपी कान पकड़कर “अपराध करना पाप है, पुलिस हमारी बाप है” के नारे लगाते नजर आए। पुलिस का कहना है कि इसका मकसद इलाके में कानून का संदेश देना था।

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पुलिस जांच में हमले के पीछे पुरानी रंजिश की वजह भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि करीब तीन साल पहले आरती प्रजापति ने ज्योति बाल्मीक और जीतू पाल के कथित प्रेम संबंध की जानकारी उनके परिवारों को दे दी थी। इसके बाद दोनों परिवारों में विवाद बढ़ गया और तलाक तक की नौबत आ गई। बाद में ज्योति और जीतू साथ रहने लगे। पुलिस का मानना है कि इसी रंजिश में आरती पर हमला किया गया।

मामले में जांच के दौरान आरती के पति नंदू राठौर का नाम भी सामने आया है। पुलिस ने उसे भी आरोपी बनाया है और उसकी तलाश जारी है। थाना प्रभारी विकास यादव ने बताया कि मामले की हर कड़ी की जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लुधावली बस्ती में खुलेआम हुए इस हमले से इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। हालांकि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। फिलहाल चारों आरोपी जेल भेज दिए गए हैं, जबकि पुलिस नंदू राठौर की तलाश में जुटी है।



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