विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में हर उत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। गंगा दशहरा के पावन पर्व पर भी हर साल की तरह इस साल भी लगातार 16 घंटे नृत्य आराधना चल रही है। 16 घंटे बिना रुके महाकाल के प्रांगण में करीब 60 नन्हे कलाकार अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं। बाबा महाकाल को प्रसन्न करने के लिए गंगा दशहरा पर्व पर भगवान की आराधना नृत्य के माध्यम से की जा रही है। मंगलवार सुबह भस्म आरती के बाद शुरू हुई यह अखंड नृत्यांजलि देर रात शयन आरती तक लगातार 16 घंटे तक चलेगी। इस आयोजन में करीब 60 बच्चे और कलाकार भाग ले रहे हैं, जो बाबा महाकाल को नृत्य के माध्यम से प्रसन्न करने का प्रयास कर रहे हैं।
रसराज नृत्य संस्थान बाबा महाकाल को प्रसन्न करने के लिए पिछले 38 साल से यहां नृत्य करा रहा है। यह रसराज नृत्य संस्थान द्वारा आयोजित इस अखंड नृत्य साधना की 38वीं वर्षगांठ है। संस्थान की निदेशक साधना मालवीय ने बताया कि इस बार भी नृत्यांजलि के माध्यम से विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की जा रही है। नृत्य प्रस्तुति सुबह से लगातार चल रही है, जो रात तक जारी रहेगी।
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झूम रहे नन्हे कलाकार
इस आयोजन के लिए 5 से 50 साल तक की महिला कलाकारों ने एक महीने तक विभिन्न स्थानों पर अभ्यास किया। बच्चे और युवतियां शिव तांडव, पंचाक्षर स्तोत्र और भगवान शिव की आरती, गणेश वंदना, शिव स्तुति, माता स्तुति, प्रभु महिमा के साथ-साथ लोकगीत भजन आदि पर नृत्य की प्रस्तुति दी जा रही है।
प्रत्येक समूह की 15 से 20 मिनट प्रस्तुति
महाकाल मंदिर में गंगा दशहरा पर मंगलवार सुबह 6:30 बजे से अखंड नृत्य आराधना शुरू हुई। यह कार्यक्रम लगातार 16 घंटे तक चलेगा। कलाकार शयन आरती तक भगवान महाकाल को नृत्यांजलि देंगे। यह नृत्य आराधना बिना रुके लगातार चल रही है। हर समूह को 15 से 20 मिनट का समय दिया गया है।
4 साल के बच्चों से महिलाएं तक शामिल
कार्यक्रम में 4 साल की बच्ची से लेकर 40 साल तक की महिला कलाकार प्रस्तुति दे रही हैं। कलाकार गणेश वंदना, शिव स्तुति, माता की आराधना, भजन और लोकगीतों पर नृत्य कर रहे हैं। इस आयोजन में 60 से ज्यादा कलाकार हिस्सा ले रहे हैं। विद्यार्थियों का तबला वादन भी आकर्षण का केंद्र है।

तपती धूप में नृत्य आराधना जारी

तपती धूप में नृत्य आराधना जारी
