केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के भोपाल आगमन से पहले राजधानी में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। नीट और पेपर लीक मामले को लेकर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले पुलिस ने युवक कांग्रेस और एनएसयूआई के कई पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। किसी को घर से उठाया गया तो कुछ नेताओं को कांग्रेस कार्यालय के बाहर से ही पुलिस अपने साथ ले गई। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस और छात्र संगठनों ने सरकार पर विरोध की आवाज दबाने का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे केवल छात्रों के मुद्दों को उठाने जा रहे थे, लेकिन उन्हें प्रदर्शन से पहले ही रोक दिया गया।

घरों से लेकर सड़कों तक कार्रवाई

हिरासत में लिए गए नेताओं में एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे, युवक कांग्रेस शहर अध्यक्ष अमित खत्री और प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार शामिल हैं। इनमें से कुछ नेताओं को उनके निवास से हिरासत में लिया गया, जबकि कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बारोलिया समेत अन्य कार्यकर्ताओं को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर से पुलिस ने पकड़ा।

नीट और पेपर लीक को लेकर था विरोध

युवक कांग्रेस और एनएसयूआई लंबे समय से नीट परीक्षा और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। संगठन के पदाधिकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठा रहे हैं।

धर्मेंद्र प्रधान के दौरे पर सियासत

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने भोपाल पहुंचे हैं। उनके दौरे को लेकर कांग्रेस ने भी राजनीतिक हमला तेज कर दिया है। 

उमंग सिंघार बोले- युवाओं का भरोसा टूटा

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार युवाओं से परीक्षा प्रणाली पर भरोसा रखने की बात कर रही है, लेकिन लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने करोड़ों छात्रों का विश्वास कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियां उनके भविष्य पर सवाल खड़े कर देती हैं। सिंघार ने मऊगंज की छात्रा आकांक्षा की मौत का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भोपाल में कार्यक्रमों में शामिल होने से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री को आकांक्षा के परिजनों से मिलना चाहिए था।

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दोषियों पर कार्रवाई की मांग

कांग्रेस का कहना है कि केवल दोबारा परीक्षा आयोजित कर देना समाधान नहीं है। युवाओं को जवाब चाहिए कि पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है।



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