भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर मंगलवार को भाजपा द्वारा प्रदेशभर में कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भोपाल स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय और अरेरा मंडल के बूथ क्रमांक 159 पर डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदेशभर में भी बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं ने डॉ. मुखर्जी को याद कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार और बलिदान आज भी देशवासियों को प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था। जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए उनका संघर्ष देश के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद-370 हटाकर उनके सपने को साकार किया गया है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भी “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर व्यापक जनसंवाद किया गया है। सभी जिलों और तहसीलों में विभिन्न वर्गों, सामाजिक संगठनों और समुदायों से सुझाव लिए गए हैं। बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपने सुझाव दिए हैं और सरकार समाज के सभी वर्गों की राय को महत्व देते हुए आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार मानसून सत्र में यूसीसी विधेयक लाने का प्रयास कर रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, त्याग और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनसंघ की स्थापना कर उन्होंने वैचारिक राजनीति की मजबूत नींव रखी थी, जो आज भारतीय जनता पार्टी के रूप में देश की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बन चुकी है। 

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खंडेलवाल ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने “एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं चलेंगे” का संदेश देकर राष्ट्रीय एकता के लिए संघर्ष किया और सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने नई पीढ़ी से आह्वान किया कि वह डॉ. मुखर्जी के विचारों, त्याग और राष्ट्रसेवा की भावना को आत्मसात कर देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने में योगदान दे।

 



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