राजधानी भोपाल के बिलखिरिया थाना क्षेत्र में बिजली लाइन की मरम्मत के दौरान करंट लगने से 22 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई। परिजनों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बिजली सप्लाई बंद कराए बिना ही युवक को खंभे पर चढ़ाकर मरम्मत का काम कराया गया, जिससे वह करंट की चपेट में आ गया। हादसे के बाद शव कई घंटों तक बिजली के खंभे और तारों के बीच लटका रहा। मृतक की पहचान जितेंद्र कुशवाहा (22) पुत्र सेवाराम कुशवाहा, निवासी बिलखिरिया के रूप में हुई है, वह निजी तौर पर इलेक्ट्रिशियन का काम करता था।
मृतक के बड़े भाई बंटी कुशवाहा ने आरोप लगाया कि बुधवार शाम क्षेत्र में एक फेज की बिजली बंद होने की शिकायत पर लाइनमैन आजाद ठाकुर और रिंकू राजपूत मौके पर पहुंचे थे। परिजनों के अनुसार दोनों कर्मचारियों ने स्वयं खंभे पर चढ़ने के बजाय जितेंद्र को बुलाया और मरम्मत कार्य के बदले 500 रुपये देने का लालच देकर उसे बिजली के खंभे पर चढ़ा दिया। परिवार का आरोप है कि जिस लाइन पर काम कराया जा रहा था, उसकी बिजली सप्लाई बंद नहीं कराई गई थी। जैसे ही जितेंद्र खंभे पर चढ़ा, वह एलटी लाइन के करंट की चपेट में आ गया। तेज करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद दोनों लाइनमैन मौके से फरार हो गए और युवक को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया।
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बंटी कुशवाहा के अनुसार जितेंद्र पहले भी बिजली विभाग के कर्मचारियों के साथ निजी तौर पर काम कर चुका था। उस दौरान उसे दो बार करंट लग चुका था लेकिन उसे कभी भी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए। इन घटनाओं के बाद उसने ऐसा काम करना छोड़ दिया था, लेकिन आरोप है कि लाइनमैन उसे बार-बार पैसों का लालच देकर जोखिम भरे काम में लगा देते थे।
बारिश में घंटों खंभे पर लटका रहा शव
हादसे के बाद का दृश्य बेहद दर्दनाक था। परिजनों का आरोप है कि जितेंद्र का शव करीब तीन से चार घंटे तक बिजली के तारों और खंभे के बीच लटका रहा। इस दौरान लगातार बारिश होती रही। उनका कहना है कि पुलिस मौके पर मौजूद थी लेकिन बिजली सप्लाई बंद कराने और शव को नीचे उतारने में काफी देर हुई। बाद में बिजली सप्लाई बंद कर ग्रामीणों की मदद से शव को नीचे उतारा गया। गुरुवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
जितेंद्र परिवार का सबसे छोटा बेटा था और मेहनत-मजदूरी कर घर की आर्थिक जिम्मेदारियों में सहयोग करता था। उसकी मौत के बाद परिवार सदमे में है। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
