मध्य प्रदेश के कई जिलों में मानसून पहुंच चुका है और अब राजधानी भोपाल में भी कभी भी इसकी दस्तक हो सकती है। इससे पहले शहर में लगातार प्री-मानसून बारिश हो रही है। लेकिन शुरुआती बारिश ने ही नगर निगम और प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन रही है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


पहली बारिश में सड़कों पर भरा पानी

भोपाल में मानसून की आधिकारिक एंट्री से पहले हुई बारिश में ही शहर की कई प्रमुख सड़कें पानी में डूब गईं। बोर्ड ऑफिस से ज्योति टॉकीज तक, एमपी नगर, कमलापति स्टेशन रोड, सात नंबर और अरेरा कॉलोनी जैसे इलाकों में जलभराव देखने को मिला।  जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ी। बोर्ड ऑफिस से ज्योति टॉकीज मार्ग पर तीन महीने से सड़क मरम्मत का काम चल रहा है, लेकिन थोड़ी सी बारिश में ही यहां पानी भर गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या हर साल सामने आती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।

खुदी सड़कों ने बढ़ाई मुश्किलें

चार महीने पहले सीवेज पाइपलाइन डालने के लिए शहर की कई सड़कों को खोदा गया था। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। कई कॉलोनियों में अधूरी सड़कें लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई हैं।

मेट्रो निर्माण वाले क्षेत्रों में हालात खराब

मेट्रो परियोजना के कारण करोंद से सिंधी कॉलोनी और रायसेन रोड जैसे इलाकों में पहले से ही सड़कें प्रभावित हैं। बारिश के बाद यहां कीचड़ और गड्ढों के कारण जाम की स्थिति बन रही है, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है।

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निचले इलाकों में जलभराव

लालघाटी क्षेत्र की हनुमान टेकरी के आसपास की कॉलोनियों में बेसमेंट तक पानी भर गया। पुराने शहर के निचले इलाकों और 10 नंबर मार्केट के आसपास भी जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बागसेवनियां से कटारा हिल्स मार्ग पर घरों के सामने बह रहे खुले नाले स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं। रहवासियों का कहना है कि कई बार बच्चे नाले में गिर चुके हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

 



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