विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर एक बार फिर विवादों में घिर गया है। गणेश मंडपम में श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच मारपीट का वीडियो शुक्रवार को वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। वीडियो में गार्ड दो युवकों का कॉलर पकड़कर मारपीट करते दिख रहे हैं।
घटना 11 जून की सुबह करीब 6:45 बजे की है। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि दो युवक सामान्य दर्शन लाइन के बैरिकेड पर चढ़कर शीघ्र दर्शन वाली लाइन में घुस गए। ड्यूटी पर तैनात गार्डों ने जब उन्हें रोका तो बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि गार्डों ने युवकों का कॉलर पकड़ लिया और धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
श्रद्धालुओं के आरोप – दादागिरी करते हैं गार्ड
वीडियो सामने आते ही श्रद्धालु मंदिर समिति और सुरक्षा व्यवस्था पर टूट पड़े। सोशल मीडिया पर लोगों का आरोप है कि महाकाल मंदिर में सुरक्षाकर्मियों की दादागिरी बढ़ती जा रही है।
• दर्शन करने आए हैं, अपराध करने नहीं। कॉलर पकड़कर मारना कहां का नियम है?
• शीघ्र दर्शन के नाम पर VIP कल्चर और आम भक्तों से बदसलूकी बंद होती है।
• गार्ड समझाते क्यों नहीं…? सीधे हाथापाई पर उतर आते हैं।
मंदिर समिति का पक्ष: गार्ड ने निभाया फर्ज, लेकिन जांच तक सस्पेंड
विवाद बढ़ता देख महाकाल मंदिर समिति ने तत्काल सफाई दी। समिति का कहना है कि कतार तोड़ना सिर्फ नियम तोड़ना नहीं है, ये सीधे भगदड़ का न्योता है। हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा दांव पर लग जाती है। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया दोनों युवक लाइन जंप कर शीघ्र दर्शन में घुसे थे। रोकने पर सुरक्षाकर्मियों से अभद्रता करने लगे। समझाने पर भी नहीं माने, तब विवाद बढ़ा।
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समिति का आधिकारिक बयान
वीडियो फुटेज और तथ्यों की जांच में प्रथम दृष्टया सुरक्षाकर्मी की कोई गलती सामने नहीं आई है। उन्होंने अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। फिर भी निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित सुरक्षाकर्मी को सस्पेंड कर दिया गया है। दोनों गार्डों को गणेश मंडपम से भी हटा दिया गया है।

पहले लाइन तोड़कर आगे बड़े थे, श्रद्धालु फिर गार्ड से हुआ विवाद।

मारपीट के दौरान का फोटो।

झूमाझपटी करते श्रद्धालु।
