एक ओर जिले में खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं और डीएपी के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर शिवपुरी जिले के कोलारस कस्बे में नकली खाद से भरा ट्रक मिलने से सनसनी फैल गई है। प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मां कैला देवी कोल्ड स्टोर परिसर से खाद से लदा एक ट्रक जब्त किया है।

ट्रक से 376 बोरियां बरामद हुई हैं, जिन पर “ऑर्गेनिक सब्स्टीट्यूट डीएपी” लिखा हुआ मिला। कार्रवाई के दौरान चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया, जबकि हेल्पर को टीम ने हिरासत में ले लिया। खाद की गुणवत्ता और दस्तावेजों की वैधता को लेकर जांच शुरू कर दी गई है।

बुधवार दोपहर मुखबिर की सूचना पर एसडीएम अनूप श्रीवास्तव और तहसीलदार प्रदीप भार्गव के नेतृत्व में राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने कोल्ड स्टोर परिसर में छापा मारा। टीम को देखते ही चालक मौके से भाग निकला। पूछताछ में हेल्पर ने बताया कि ट्रक झाबुआ जिले के मेघनगर से लोड होकर आया था।

जांच के दौरान ट्रक में खाद की बोरियां अस्त-व्यस्त हालत में रखी मिलीं। गिनती में कुल 376 बोरियां निकलीं। अधिकारियों का मानना है कि ट्रक का आधा हिस्सा खाली था, जिससे आशंका जताई जा रही है कि कुछ माल रास्ते में या कोलारस पहुंचने से पहले कहीं और उतारा गया होगा। कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर खाद के नमूने भी एकत्र किए हैं।

बरामद बोरियों पर “ऑर्गेनिक सब्स्टीट्यूट डीएपी” अंकित है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार डीएपी की कमी के बीच वैकल्पिक नामों से मिलावटी या घटिया खाद बेचने के मामले बढ़ रहे हैं। आशंका है कि जब्त खाद में मिट्टी या निम्न गुणवत्ता के रसायनों की मिलावट हो सकती है। नमूनों को जांच के लिए भोपाल स्थित राज्य स्तरीय प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही खाद की वास्तविक गुणवत्ता स्पष्ट हो सकेगी।

कार्रवाई के बाद ट्रक को कोलारस थाने लाकर पंचनामा तैयार किया गया और माल को सील कर दिया गया। हेल्पर से पूछताछ जारी है, जबकि फरार चालक की तलाश में पुलिस टीम रवाना की गई है। ट्रक के रजिस्ट्रेशन और जीपीएस डेटा की मदद से उसके रूट की जांच की जा रही है।



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एसडीएम अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि मौके पर किसी भी व्यक्ति ने ट्रक और खाद की जिम्मेदारी नहीं ली। कोल्ड स्टोर संचालक से भी पूछताछ की जा रही है कि परिसर में ट्रक किसकी अनुमति से खड़ा किया गया था। प्रथम दृष्टया मामला उर्वरक नियंत्रण आदेश के उल्लंघन का प्रतीत हो रहा है। यदि जांच में मिलावट की पुष्टि होती है तो आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उधर, खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था से परेशान किसानों ने बुधवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इसे समाप्त करने की मांग की। किसानों का कहना है कि टोकन बुक नहीं हो पाने के कारण उन्हें खाद नहीं मिल रही है। ऐसे में नकली खाद की बरामदगी ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। किसानों को आशंका है कि मिलावटी खाद के इस्तेमाल से फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।

 



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