सागर जिले के नरयावली में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की संस्कृति, विकास और जनकल्याण योजनाओं को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में माताओं और बहनों को सर्वोच्च स्थान दिया गया है और सरकार इसी सोच के साथ काम कर रही है। उन्होंने साफ कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने का प्रयास जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार कदम उठा रही है। लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए दिए जा रहे हैं। प्रदेश में कई जिलों में महिला कलेक्टर और महिला पुलिस अधीक्षक जिम्मेदारी संभाल रही हैं, जिससे प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं अपमान कभी नहीं भूलतीं, इसलिए उन्हें अपने सम्मान के लिए जागरूक रहना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नरयावली को बड़ी विकास सौगातें दीं। उन्होंने 27 करोड़ रुपए की लागत से बने सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण किया, जिसे उन्होंने सिर्फ स्कूल नहीं बल्कि भारत की हजारों साल पुरानी शिक्षा परंपरा का प्रतीक बताया। इसके साथ ही 41 करोड़ 7 लाख रुपए की लागत से 36 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया, जिनमें सड़कें, सामुदायिक भवन और आंगनवाड़ी शामिल हैं। वहीं 17 करोड़ 39 लाख रुपए की लागत से 62 नए कार्यों का भूमि पूजन भी किया गया। कुल मिलाकर लगभग 98 विकास कार्यों की सौगात क्षेत्र को दी गई।

किसानों को बिजली कनेक्शन बेहद कम दर पर


मुख्यमंत्री ने किसानों के मुद्दे पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों से गेहूं का एक-एक दाना खरीदेगी और किसी किसान को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। इस साल प्रदेश में गेहूं उत्पादन काफी बढ़ा है, जिसके चलते केंद्र सरकार से खरीद का कोटा बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से गेहूं खरीदा जा रहा है और आने वाले समय में इसे 2700 रुपए से अधिक करने का लक्ष्य है। साथ ही किसानों को बिजली कनेक्शन बेहद कम दर पर दिया जा रहा है और आय बढ़ाने के लिए पशुपालन व दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगर विकास कार्यों के लिए किसानों की जमीन ली जाती है तो उन्हें बाजार मूल्य से चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जमीन किसानों की सबसे बड़ी पूंजी है, इसलिए सरकार उनकी हितों की पूरी रक्षा करेगी।



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बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र वीरों की धरती है, लेकिन पानी की कमी के कारण यहां लंबे समय से समस्याएं रही हैं। अब केन-बेतवा लिंक परियोजना के जरिए इस समस्या का स्थायी समाधान किया जा रहा है। करीब 1 लाख करोड़ रुपए की इस परियोजना से पीने का पानी, सिंचाई और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। सागर जिले में इंडस्ट्रियल पार्क और नए औद्योगिक क्षेत्रों का तेजी से विकास हो रहा है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

शिक्षा के क्षेत्र में सुधार


शिक्षा के क्षेत्र में सुधार को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूल अब प्राइवेट स्कूलों को टक्कर दे रहे हैं। हाल ही में आए परीक्षा परिणामों में सरकारी स्कूलों के छात्रों ने टॉप किया है, जिसमें बेटियों ने शानदार प्रदर्शन किया। सरकार मेधावी छात्रों को स्कूटी और लैपटॉप देकर प्रोत्साहित कर रही है। नरयावली में विश्वविद्यालय शुरू करने की दिशा में भी पहल की जा रही है, जिससे क्षेत्र शिक्षा का बड़ा केंद्र बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कई नई घोषणाएं भी कीं, जिनमें सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार, नई सड़कों और पुलों का निर्माण, आईटीआई में नए कोर्स शुरू करना और नगरीय विकास के लिए फंड देना शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर वर्ग किसान, महिला, युवा और गरीब का समग्र विकास करना है। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे और क्षेत्र के विकास को लेकर सरकार की योजनाओं की सराहना की गई।



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