शहर के रहने वाले युवक को डिजिटल अरेस्ट कर 30.25 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में उप्र से दो आरोपितों को पकड़ा है। …और पढ़ें
_2026423_18513_m.webp)
HighLights
- डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 30.25 लाख की ठगी
- लखीमपुर खीरी से खाताधारक और बिचौलिया गिरफ्तार
- कई राज्यों में साइबर ठगी के लिए उपलब्ध कराते थे खाते
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर के रहने वाले युवक को डिजिटल अरेस्ट कर 30.25 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में राज्य साइबर पुलिस की टीम ने उप्र से दो आरोपितों को पकड़ा है। एक खाताधारक है, जबकि दूसरा बिचौलिया है। इन्होंने ग्वालियर में हुई साइबर ठगी के अलावा दूसरे राज्यों में साइबर ठगी की वारदातों में रकम की हेराफेरी की है। इसके लिए म्यूल खाते उपलब्ध कराए हैं।
क्या है मामला
ग्वालियर निवासी हर्षित द्विवेदी के पास अंजान नंबर से काल आया था। काल करने वाले ने खुद को फेडेक्स कंपनी का कर्मचारी बताया। इसके बाद पार्सल में ड्रग होने की बात कही। इसके बाद मामला नारकोटिक्स ब्यूरो को भेजने की जानकारी दी। फिर दूसरे नंबर से काल आया। जिसने खुद को नारकोटिक्स का अधिकारी बताया। पैसों की जांच के नाम पर अलग-अलग खातों में 30.25 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए।
जब ठगी का अहसास हुआ तब राज्य साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। राज्य साइबर सेल की निरीक्षक वर्षा सिंह, आरक्षक राधारमण त्रिपाठी इस मामले की पड़ताल में लगे थे। इन्होंने एक खाता चिह्नित किया। यह खाता उप्र के लखीमपुर खीरी के रहने वाले राजेश कुमार का है। उसे राज्य साइबर सेल की टीम ने पकड़ा।
इन राज्यों में फैला नेटवर्क
उसकी निशानदेही पर सौरभ कुमार को पकड़ा। यह भी लखीमपुर खीरी के मुड़िया खेड़ा का रहने वाला है। इन दोनों ने पहले भी साइबर ठगी की रकम की हेराफेरी के लिए खाते उपलब्ध कराए हैं। जम्मू कश्मीर, पंजाब, उप्र, उत्तराखंड, आंध्रप्रदेश, कर्नाटका, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, बंगाल के लोगों के साथ हुई ठगी में इन्होंने खाते उपलब्ध कराए हैं।
