अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी मौके से फरार
जानकारी के अनुसार, बीते दिनों हिंदू संगठनों द्वारा लगातार शिकायत की जा रही थी कि क्षेत्र में कुछ असामाजिक तत्व गौवंश का अवैध शिकार कर रहे हैं। इसी बीच पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि बीना नदी के किनारे गौवंश की हत्या की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की। हालांकि, अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन घटनास्थल से पुलिस को गौवंश का मांस और चमड़ा बरामद हुआ।
आरोपियों की पहचान की गई
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए देर रात दबिश दी और तीन आरोपियों नासिर कुरैशी, मोहम्मद सलमान और अजीम उर्फ हासिब को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी बेगमगंज के मंडी काजी मोहल्ला के निवासी बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4, 5 और 9, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 (1) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 325 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी कार्रवाई की गई है।
अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति निर्मित हो गई थी। कुछ संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन की चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन पुलिस और प्रशासन की सक्रियता के चलते हालात जल्द ही नियंत्रण में आ गए। शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और लगातार निगरानी की जा रही है।
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फिलहाल बेगमगंज क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही मामले की विस्तृत जांच जारी है, ताकि इस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित आरोपियों का भी पता लगाया जा सके।
