पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के एजेंट और गैंग्स्टर शहजाद भट्टी ने पंजाब के जीरकपुर के आइटी कंपनी और क्लब संचालक से एक करोड़ रुपये का टेरर टैक्स मां …और पढ़ें
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HighLights
- हजाद भट्टी ने जीरकपुर के क्लब संचालक से मांगा था 1 करोड़ टेरर टैक्स
- ग्वालियर के राजवीर और विवेक ने जीरकपुर में फायरिंग कर बनाया था वीडियो
- दिल्ली में होटल को निशाना बनाने से पहले स्पेशल सेल ने शूटर को दबोचा
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के एजेंट और गैंग्स्टर शहजाद भट्टी ने पंजाब के जीरकपुर के आइटी कंपनी और क्लब संचालक से एक करोड़ रुपये का टेरर टैक्स मांगा था। उसे डराने के लिए ग्वालियर निवासी गुर्गे राजवीर और विवेक बंजारा का इस्तेमाल किया। इन दोनों को जीरकपुर भेजकर गोली चलवाई लेकिन पिस्टल में खराबी के चलते फायर मिस हो गया। इसका वीडियो विवेक ने अपने मोबाइल में शूट किया और फिर शहजाद भट्टी को भेजा। वीडियो के साथ वाइस नोट भी भेजा गया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस वीडियो को मोबाइल से रिकवर किया है।
फेसबुक के जरिए राणा भाई ने जोड़ा था नेटवर्क
ग्वालियर के शूटर राजवीर (21) पुत्र विजयराम और विवेक (19) पुत्र नन्हे सिंह बंजारा की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पूछताछ की। इसमें पाकिस्तानी गैंग्स्टर के देशव्यापी नेटवर्क का राजफाश हुआ है। पता चला है कि राजवीर शहजाद भट्टी से किसी राणा भाई नाम के शख्स के जरिये जुड़ा था। राणा भाई फेसबुक से जुड़ा था। राजवीर ने विवेक बंजारा को शहजाद और राणा से मिलवाया। मार्च में शहजाद ने इन्हें अहमदाबाद से सेमी आटोमैट्रिक पिस्टल मंगाई थी। वहां रुकने के लिए पांच हजार रुपये भी पाकिस्तानी गैंग्स्टर ने उपलब्ध कराए थे। हालांकि, हथियार की डिलीवरी नहीं हो सकी।
अमृतसर से मिली पिस्टल और जीरकपुर में फायरिंग की कोशिश
बाद में दोनों दिल्ली पहुंचे, जहां से नौ अप्रैल को उन्हें पंजाब के अमृतसर भेजा। यहां पिस्टल, 20 राउंड और 20 हजार रुपये मिले। इसके बाद जीरकपुर में क्लब के बाहर गोली चलाने को कहा। 13 अप्रैल को दोनों जीरकपुर पहुंचे, राजवीर वहां गोली चला रहा था और विवेक वीडियो बना रहा था, लेकिन गोली नहीं चली। जीरकपुर में जिस क्लब पर गोली चलाई थी, उससे शहजाद ने आठ अप्रैल को वाट्सएप काल कर एक करोड़ रुपये टेरर टैक्स मांगा था, न देने पर गोली चलवाई।
दिल्ली में बड़ी वारदात से पहले पुलिस ने दबोचा
जीरकपुर से लौटने के बाद शूटर दिल्ली-एनसीआर में अलग-अलग ठिकानों पर रहे। इसके बाद शहजाद ने राजवीर को फरीदकोट से पिस्टल और छह राउंड लेने के लिए भेजा। यहां से हथियार लेकर वह दिल्ली पहुंचा। दिल्ली में होटल को टारगेट कर गोली चलानी थी, लेकिन इससे पहले ही उसे दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पकड़ लिया। उसका साथी विवेक बंजारा पहले 16 अप्रैल को ही ग्वालियर से पकड़ा गया था। उसकी निशानदेही पर राजवीर पकड़ा गया।
