MP Weather Monsoon Update: मौसम विभाग ने इस साल अलनीनो के प्रभाव से कमजोर मानसून और सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई है। …और पढ़ें

Publish Date: Tue, 14 Apr 2026 07:43:37 AM (IST)Updated Date: Tue, 14 Apr 2026 07:47:46 AM (IST)

MP में बढ़ी गर्मी की तपिश, Monsoon पर अलनीनो का दिखेगा असर; ग्वालियर-जबलपुर सहित कई शहरों में लू की चेतावनी
MP Weather Update: मध्य प्रदेश में शुष्क मौसम के चलते तापमान लगातार बढ़ रहा है। (AI Generated Image)

HighLights

  1. रतलाम में तापमान 41.2 डिग्री दर्ज
  2. जबलपुर में छह दिन में तेज उछाल
  3. अलनीनो से कमजोर मानसून की आशंका

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: मध्य प्रदेश में गर्मी ने धीरे-धीरे असर दिखाना शुरू (MP Heatwaves Alert) कर दिया है। शुष्क मौसम (Aaj ka mausam) के कारण दिन के साथ अब रातें भी गर्म होने लगी हैं। सोमवार को रतलाम में अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक रहा। नर्मदापुरम में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री रहा, जबकि खरगोन और मंडला में 40 डिग्री दर्ज किया गया।

छिंदवाड़ा, खजुराहो, मलाजखंड, बैतूल, रायसेन और उज्जैन में तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। रात के तापमान की बात करें तो नर्मदापुरम में न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.1 डिग्री अधिक रहा।

रातों में भी बढ़ी गर्मी का असर

प्रदेश में रातें भी अब गर्म होने लगी हैं। सिवनी में न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री और सीधी में 23.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम (MP Weather Update) में नमी की कमी और लगातार शुष्कता के कारण गर्मी का असर दिन-रात दोनों समय महसूस किया जा रहा है।

ग्वालियर में बढ़ती तपिश

ग्वालियर में पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने से तापमान में वृद्धि दर्ज की जा रही है। सोमवार को अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.5 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में तापमान 40 डिग्री पार करने की संभावना जताई गई है।

जबलपुर में तेजी से बढ़ा तापमान

जबलपुर में बीते छह दिनों में अधिकतम तापमान 7.5 डिग्री तक बढ़ गया है। सोमवार को तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। अनुमान है कि 18 अप्रैल तक यहां तापमान 41 से 42 डिग्री तक जा सकता है।

मानसून पर अलनीनो का असर

मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून पर अलनीनो का प्रभाव पड़ सकता है। भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी अरुण शर्मा के मुताबिक जून से सितंबर के बीच औसत वर्षा दीर्घावधि औसत (LPA) का 95 से 91 प्रतिशत रहने का अनुमान है। हालांकि, हिंद महासागर का प्रभाव मानसून को कुछ हद तक सहारा दे सकता है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *