ग्वालियर में अपना फोटो लगाकर दूसरों के नाम से फर्जी सिम जारी कर ठगों और बिचौलियों को बेचने वाले दो पीओएस एजेंट पकड़े गए हैं। दोनों ने करीब 200 से ज्या …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 02 Apr 2026 08:58:25 AM (IST)Updated Date: Thu, 02 Apr 2026 09:00:05 AM (IST)

ग्वालियर पुलिस की बड़ी कामयाबी, फर्जी सिम कांड में दो एजेंट गिरफ्तार, दूसरों के आधार कार्ड पर लगाते थे अपनी फोटो
ग्वालियर पुलिस ने फर्जी सिम बेचने वाले दो पीओएस एजेंट किए गिरफ्तार (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. ग्वालियर पुलिस ने पकड़ी बड़ी धोखाधड़ी
  2. फर्जी सिम बेचने वाले दो पीओएस एजेंट अरेस्ट
  3. दोनों ने करीब 200 से ज्यादा फर्जी सिम बेच डाली

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। अपना फोटो लगाकर दूसरों के नाम से फर्जी सिम जारी कर ठगों और बिचौलियों को बेचने वाले दो पीओएस एजेंट पकड़े गए हैं। थाटीपुर थाना पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार किया है। दोनों ने करीब 200 से ज्यादा सिम इस तरह सक्रिय की और इन्हें एक से तीन हजार रुपये तक में बेच डाला। फर्जी सिम का उपयोग साइबर ठगी की रकम की हेराफेरी के लिए म्यूल खातों और लोगों को ठगने में करने की आशंका है। इस संबंध में पुलिस पूछताछ कर रही है।

प्रदेशभर में सिम का फर्जीवाड़ा पकड़ने के लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा ऑपरेशन फेस (फेशियल ऑथेंटिकेशन कंप्लाइंस इंफोर्समेंट) शुरू किया गया है। इसके तहत प्रदेशभर में राज्य साइबर पुलिस और जिला पुलिस द्वारा ऐसे लोगों को पकड़ा जा रहा है। जो फर्जी तरीके से सिम सक्रिय कर इन्हें बेच रहे हैं।

पुलिस को तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल से पता लगा था कि थाटीपुर के शिवाजी नगर में रहने वाला हर्ष पुत्र धर्मेंद्र साहू उम्र 24 और दिनेश पुत्र पूरन सिंह कुशवाह निवासी ग्राम पारागढ़, पोस्ट कांकर, शिवपुरी पीओएस एजेंट हैं।यह दोनों फर्जी सिम जारी करते हैं, इसके बाद इनकी बिक्री करते हैं।

यह दूसरों के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर अपने ही फोटो के जरिये सिम सक्रिय करते हैं। इन दोनों की तलाश शुरू की गई तो अंडरग्राउंड हो गए। पिछले तीन दिन से इनकी तलाश चल रही थी। बुधवार को इन्हें पकड़ लिया गया। जब पूछताछ की तो इन्होंने सिम का फर्जीवाड़ा करना स्वीकार किया।

आधार कार्ड दूसरे के और फोटो खुद का

यह दोनों आधार कार्ड किसी दूसरे का इस्तेमाल करते थे, जबकि फोटो खुद का इस्तेमाल करते थे। खुद ही का बायोमैट्रिक इस्तेमाल करते थे और सिम सक्रिय कर लेते थे।

एयरटेल कंपनी की छत्री लगाकर बेचता था सिम

दिनेश कुशवाह करीब दो साल पहले एयरटेल कंपनी की छत्री लगाकर सिम बेचता था। इसी दौरान हर्ष से उसका संपर्क हुआ। इन्हें किसी ने बताया कि अगर खुद सिम सक्रिय कर उपलब्ध कराएंगे तो इसके एवज में अच्छा पैसा मिलेगा। फिर यह काम शुरू कर दिया।

जिनके नाम सिम, उन्हें पता ही नहीं

जिन लोगों के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर सिम जारी की और उन्हें पता ही नहीं था कि उनके नाम सिम चल रही है। पुलिस को जब चार लोगों के बारे में पता लगा तो वेरीफिकेशन कराया गया। इसमें यह लोग न तो हर्ष से कभी मिले न दिनेश से। अब सवाल है- इनका आधार कार्ड दोनों के पास कैसे पहुंचा। इस संबंध में पूछताछ की जा रही है।

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झांसी रोड में पकड़ा था एजेंट

इससे पहले झांसी रोड पुलिस ने आशीष नागर को पकड़ा था। वह पीओएस एजेंट के कहने पर अपना फोटो खिंचवाता था। उसी के फोटो का इस्तेमाल कर कई सिम जारी की गई।



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