ग्वालियर शहर में गैंगवार की पुरानी रंजिश ने एक बार फिर खौफनाक रूप ले लिया है। बदमाशों ने फायरिंग केस के एक गवाह का अपहरण कर उसे बेरहमी से पीटा और गवाही से मुकरने के लिए उस पर गोली भी चला दी। यह घटना सात साल पुरानी दुश्मनी और शराब के धंधे में वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ी बताई जा रही है।
क्या था मामला?
दरअसल, दो साल पहले कांच मिल पुलिया पर बदमाश बंटी उर्फ अजय सिंह भदौरिया पर हुई फायरिंग के मामले में टिल्ली उर्फ गौरव यादव गवाह है। इसी गवाही को प्रभावित करने के लिए आरोपियों ने उसे निशाना बनाया। पीड़ित गौरव के मुताबिक, दीनदयाल नगर गेट नंबर-1 के पास एक होटल से उसे जबरन कार में बैठाकर जडेरुआ ले जाया गया, जहां हेमू सिकरवार, दिन्नू सिकरवार और विजय पंडित पहले से मौजूद थे।
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आरोपियों ने उसे अदालत में गवाही न देने की धमकी दी। विरोध करने पर उसके कपड़े उतरवाकर बेल्ट से बेरहमी से पीटा गया और सिर के ऊपर से गोली चलाई गई। वह झुक गया, जिससे गोली लगने से बच गया। करीब एक घंटे तक बंधक बनाए रखने के बाद उसे प्रीतम विहार में छोड़ दिया गया। गौरतलब है कि वारदात में शामिल विजय पंडित 24 घंटे पहले भी फायरिंग की घटना में शामिल रहा है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है।
क्या बोली पुलिस?
महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि युवक के अपहरण और मारपीट की सूचना मिलने पर पुलिस ने तुरंत तलाशी अभियान चलाया, लेकिन आरोपी युवक को छोड़कर फरार हो गए। पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं। प्रारंभिक जांच में युवक और आरोपियों के बीच पुराना विवाद सामने आया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
