नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल खातों की तरह ही फर्जी सिम सबसे बड़ी चुनौती हैं। इन्हीं का इस्तेमाल विदेश में बैठे ठग देश के लोगों को ठगने के लिए कर रहे हैं। साथ ही साइबर ठगी की रकम म्यूल खातों के जरिये क्रिप्टो करंसी में बदलकर विदेश भेजने वाले बिचौलिये भी इन्हीं फर्जी सिम के जरिये पूरा नेटवर्क ऑपरेट कर रहे हैं।
विदेशी धरती से नेटवर्क का संचालन और राजफाश
अब फर्जी सिम के खिलाफ पूरे प्रदेश में बड़ा एक्शन लिया जा रहा है। नेशनल क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर प्राप्त हुई करीब आठ हजार से अधिक शिकायतों की पड़ताल इंडियन साइबर क्राइम को-आर्डिनेशन सेंटर ने दूरसंचार मंत्रालय की मदद से की। तब चौंकाने वाला राजफाश हुआ, करीब 7500 सिम की रोमिंग थाईलैंड, कंबोडिया सहित साउथ ईस्ट में स्थित अन्य देशों में पाई गई।
केवाईसी में फर्जीवाड़ा
इन सिम को एक्टिवेट करने से पहले कैफ (कामन एप्लीकेशन फार्म) में ही बड़ा फर्जीवाड़ा मिला। यह फर्जीवाड़ा 3824 पीओएस एजेंट (सिम विक्रयकर्ता और एजेंट) जिसमें सिम धारकों के नाम, पते अलग मिले, लेकिन कई में फोटो एक ही थी। इसमें से करीब 300 पीओएस एजेंट मप्र के हैं।
प्रदेश व्यापी ‘ऑपरेशन फेस’ की शुरुआत
अब इनके खिलाफ पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर राज्य साइबर पुलिस के निर्देशन में प्रदेश के 33 जिलों में ऑपरेशन फेस (फेशियल आथेंटिकेशन कंप्लाइंस इंफोर्समेंट) शुरू किया गया। पिछले तीन दिन में ही ग्वालियर सहित प्रदेश के पांच जिलों में आपरेशन फेस के तहत कार्रवाई की गई है। अब यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
- इंदौर: क्राइम ब्रांच ने विपिन मगरदे को बैतूल से गिरफ्तार किया। जिसने कैफ में फर्जीवाड़ा कर 84 सिम एक्टिवेट कर बेची।
- ग्वालियर: झांसी रोड थाना पुलिस ने आशीष नागर को पकड़ा, उसने पीओएस एजेंट उमेश कुशवाह के कहने पर अपने फोटो का इस्तेमाल कर सिम एक्टिवेट करवाई। दोनों पर एफआईआर दर्ज।
- भोपाल: भोपाल क्राइम ब्रांच ने जहांगीराबाद निवासी पीओएस एजेंट देवेंद्र यादव और कसाई मोहल्ला निवासी सैफ कुरैशी को पकड़ा। 252 सिम एक्टिवेट कराई।
- सिंगरौली: पीओएस एजेंट अनिल रवानी ने अपनी मां का चेहरा इस्तेमाल कर 850 सिम एक्टिवेट कर इन्हें बेच दिया।
- रीवा: आशीष विश्वकर्मा, कमल कुशवाह, लवकुश कुमार को कैफ में फर्जीवाड़ा कर सिम एक्टिवेट करने और बेचने के मामले में पकड़ा गया।
एमपी के यह जिले हॉट स्पॉट
जहां सिम का फर्जीवाड़ा सबसे ज्यादा ग्वालियर, इंदौर, दमोह, मुरैना, छिंदवाड़ा, सीधी, छतरपुर, दतिया, डिंडोरी, दतिया। झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के नाम से सिम राज्य साइबर पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर लोगों और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के नाम सबसे ज्यादा सिम हैं। इनके नाम, पते हैं और फोटो दूसरों की है। यह सिम एक्टिवेट की गई, इसके बाद इन्हें पीओएस एजेंट द्वारा बेचा गया। इनका इस्तेमाल साइबर ठगी या अन्य संदिग्ध गतिविधियों में हुआ है।
इस बहाने फंसाया
- मुफ्त में सिम पोर्ट कराने।
- डबल थंब इंप्रेशन के बहाने।
- कमीशन का लालच देकर।
- सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर।
15 दिन में पकड़े 44 पीओएस एजेंट
आपरेशन फेस से पहले राज्य साइबर पुलिस द्वारा प्रदेश भर में आपरेशन फास्ट (फोर्ज्ड एक्टिवेटेड, सिम टर्मिनेशन) चलाया गया। इसमें 44 पीओएस एजेंट प्रदेश भर से पकड़े गए।
फर्जी सिम के जरिये कंबोडिया, थाईलैंड सहित साउथ ईस्ट के अन्य देशों में बैठे ठग साइबर ठगी कर रहे हैं। इसके चलते प्रदेशभर में आपरेशन फेस शुरू किया गया है। इसमें 33 जिलों के पीओएस एजेंट को चिह्नित किया गया है। राज्य साइबर पुलिस की टीम व जिला पुलिस भी अपने स्तर पर कार्रवाई कर रही है। यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इससे फर्जी सिम का नेटवर्क तोड़ा जा सके।- प्रणय नागवंशी एसपी, राज्य साइबर पुलिस।
