इंदौर सफाई में क्यों नंबर वन है, यह बात रविवार को फिर साबित हुई। दोपहर 1:45 पर आखिरी गेर राजवाड़ा से गुजरी और दो बजे सफाई अमला सड़कों पर जुट गया। मेयर पुष्यमित्र भार्गव खुद राजवाड़ा पहुंचे और उन्होंने सफाईकर्मियों के साथ मैदान संभाला।

इस बार सड़क की सफाई के लिए विशेष मशीन की मदद ली गई। गेर समाप्त होने के बाद मार्ग पर कचरा, गुलाल, थैलियां बिखरी थीं। 400 कर्मचारियों की टीम एक साथ मैदान में उतरी और पहले सड़क से कचरा उठाया, फिर गुलाल समेटी। इसके बाद सड़कों की धुलाई की गई। चार किलोमीटर लंबे मार्ग पर सफाई अमला एक घंटे तक जुटा रहा।

इंदौर देश के साफ शहरों में से एक है। इस कारण यह गंदगी ज्यादा समय तक सड़कों पर न रहे, इसकी चिंता हमेशा की जाती है। रविवार दोपहर सड़क का कोना-कोना साफ किया गया। नगर निगम ने इसके लिए विशेष अमला तैयार किया है। हर बार सड़क को गेर समाप्त होने के बाद साफ किया जाता है, ताकि स्वच्छ शहर वाली इंदौर की छवि कायम रहे। इस बार भी सफाई वाहन पहले से गेर मार्ग के आसपास तैनात किए गए थे।

गर निगम ने गेर समाप्त होने के तुरंत बाद सफाई व्यवस्था के लिए अमला जमीन पर उतारा ।  10 स्वीपिंग मशीन, 7 डंपर, 6 जेसीबी मशीन, 3 लॉन्ग हॉलिंग वाहन, 3 ट्रैक्टर, 30 ओपन वाहन और 20 जेट प्रेशर मशीनों का उपयोग किया गया। इसके साथ ही 400 से अधिक सफाई मित्रों की विशेष टीम ने गेर मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में मोर्चा संभाला। पूरी टीम ने गेर निकलने के तत्काल बाद सफाई कार्य प्रारंभ कर मार्गों को  फिर पहले जैसा बना दिया।

 

इस वर्ष भी नगर निगम द्वारा कचरा प्रबंधन को और अधिक व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से गेर मार्ग के विभिन्न स्थानों पर कचरा संग्रहण की विशेष व्यवस्था की गई थी। अलग-अलग स्थानों पर कचरा एकत्रित करने और उसे उठाने का कार्य किया गया, जिससे शहर की स्वच्छता की छवि बरकरार रही।

मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर स्वच्छता में सिरमौर रहा है। शहरवासियों को गंदी सड़कें अच्छी नहीं लगती हैं। इस कारण हमारी भी जिम्मेदारी है कि सड़क से कचरा जल्दी से साफ हो जाए। हर साल गेर समाप्त होने के बाद सड़कों को धोया जाता है।



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