वरुण शर्मा, ग्वालियर। पुराने मीटर के स्थान पर लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर के लिए उपभोक्ताओं से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा रहा है। विधानसभा में शुक्रवार को ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने डबरा विधायक सुरेश राजे के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना तथा मध्य प्रदेश विद्युत प्रदाय संहिता-2021 के अध्याय-आठ ‘विद्युत मापन तथा बिलिंग’ के तहत आरडीएसएस योजना में पारदर्शी बिलिंग, मीटर रीडिंग प्रणाली में सुधार और सटीक ऊर्जा लेखांकन के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। वैधानिक प्रावधानों के अनुसार उपभोक्ता की सहमति आवश्यक नहीं है।

मीटर शुल्क को लेकर उठे सवाल

विधायक सुरेश राजे ने पूछा था कि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले लगे सिंगल फेज और थ्री फेज मीटर की कितनी राशि वसूली गई और आगे कितनी वसूली जाएगी। साथ ही यह भी पूछा कि क्या पुराने मीटर की राशि समायोजित कर स्मार्ट मीटर की राशि ली जाएगी।

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि पुराने मीटर के लिए समय-समय पर प्रचलित एसओआर के अनुसार राशि ली जाती है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 के एसओआर के अनुसार दरें इस प्रकार हैं-

सिंगल फेज : 833 रुपये

थ्री फेज 10-40 एंपीयर: 2217 रुपये

थ्री फेज 20-100 एंपीयर: 10705 रुपये

थ्री फेज 40-200 एंपीयर: 19999 रुपये

ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति

विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-14 ग्वालियर-ग्रामीण के सभी राजस्व ग्राम पूर्ववर्ती ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाओं के तहत विद्युतीकृत हैं। कृषि प्रयोजन हेतु 11 केवी कृषि फीडरों से प्रतिदिन औसतन 10 घंटे तथा गैर कृषि उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली आपूर्ति का प्रावधान है।



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