नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जिला मूल्यांकन समिति ने शुक्रवार को बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित नई कलेक्टर गाइडलाइन को अंतिम स्वरूप दिया। इस दौरान शहर में कलेक्टर गाइडलाइन में 20 प्रतिशत वृद्धि पर मुहर लगाई गई है।

जिले की 522 लोकेशन पर 20 प्रतिशत, 531 लोकेशन पर 20 से 50 प्रतिशत और 103 लोकेशन पर 50 से 80 प्रतिशत तक की वृद्धि प्रस्तावित की गई थी। समिति की बैठक में लोकेशनों पर कलेक्टर रुचिका चौहान द्वारा सदस्यों से चर्चा की गई। साथ ही अनावश्यक बढ़ाई गई दरों को घटाने अथवा पास वाली लोकेशन में मर्ज किए जाने के निर्देश वरिष्ठ जिला पंजीयक अशोक शर्मा को दिए।

कम बोझ और उचित राजस्व पर जोर

कलेक्ट्रेट के सभागार में हुई बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिले में अचल संपत्ति की गाइडलाइन में ऐसे प्रस्ताव शामिल करें, जो वास्तविक बाजार मूल्य के नजदीक हों। साथ ही अचल संपत्ति का पंजीयन कराने वाले लोगों पर कम आर्थिक बोझ आए और सरकार को भी उचित राजस्व प्राप्त हो।

प्रस्तावित गाइडलाइन पर दावे-आपत्तियां प्राप्त करें और उनके निराकरण के बाद गाइडलाइन को अंतिम रूप देने की आगे की कार्यवाही की जाए।

बैठक में बताया गया कि अगले वित्तीय वर्ष के लिए जिले की नई कलेक्टर गाइडलाइन का प्रारूप उपमूल्यांकन समिति ग्वालियर, डबरा, भितरवार द्वारा प्रस्तावित जिले की कुल 2224 लोकेशन का बारीकी से परीक्षण कर तैयार किया गया है।

यह भी देखा गया है कि किन-किन क्षेत्रों में अधिक रजिस्ट्री हुई हैं। इसके अलावा ऐसे क्षेत्र जो टीएंडसीपी, रैरा एवं नगर निगम के मानचित्र में शामिल हैं। ऐसी नई कालोनियां जिन्हें जोड़ने के लिए पक्की सड़कों का निर्माण हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित ग्वालियर, डबरा एवं भितरवार की बस्तियों का भी अध्ययन किया गया है।

साथ ही ऐसे क्षेत्रों का भी ध्यान रखा गया है, जिनके नजदीक वर्तमान गाइडलाइन में दर अधिक हैं, लेकिन दूसरी लोकेशन बताकर राजस्व चोरी का प्रयास किया जाता है। ऐसे स्थानों को बड़ी लोकेशन से मर्ज करने के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।

बैठक में अपर आयुक्त नगर निगम प्रदीप तोमर, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र सुनील बाबू त्रिपाठी, जिले के सभी उप पंजीयक एवं टीएंडसीपी से केके कुशवाह सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

प्रस्तावित गाइडलाइन की मुख्य बातें

29 किलोमीटर लंबे वेस्टर्न बायपास (निरावली-रायरू से पनिहार) के बनने से आसपास के गांवों में जमीनों के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। नए क्रिकेट स्टेडियम, आईएसबीटी, शिवपुरी व मुरैना लिंक रोड पर खुल रहे नए ऑटोमोबाइल शोरूम, कॉलेज और आवासीय कालोनियों के कारण इन क्षेत्रों में जमीनों की दरों में बड़ा इजाफा हो रहा है।

ऐसे क्षेत्र जहां आसपास गाइडलाइन दरें अधिक थीं, लेकिन कम दर वाली छोटी लोकेशन दिखाकर रजिस्ट्री करा लेते थे, उन लोकेशन को अब समीप की लोकेशन में मर्ज किया जाएगा। जो सड़कें एक से अधिक वार्डों (जैसे एबी रोड, तानसेन रोड) में आती हैं, वहां अब एक समान दरें लागू होंगी।

डबरा के समीपवर्ती गांव धई, धवा आदि को तेजी से हो रहे विकास के कारण विशिष्ट ग्राम का दर्जा दिया गया है। भितरवार में आर्मी कैंप लिंक रोड और नए ओवरब्रिज के निर्माण से जमीनों के बढ़े दाम और बाजार मूल्य को ध्यान में रखकर 227 लोकेशन के पंजीयन दाम प्रस्तावित किए गए हैं।

मुरार और बड़ागांव क्षेत्र के खुरेरी, सैंथरी, ओहदपुर, अलापुर, डोंगरपुर, महलगांव, बेहटा और सिकरोदा जैसे क्षेत्रों में आवासीय कालोनियों और नए प्रोजेक्टों के कारण कलेक्टर गाइडलाइन में वृद्धि प्रस्तावित की गई है। इसी तरह एबी रोड, मुरैना लिंक रोड, पिपरोली, सालूपुरा, नाका चंद्रवदनी मुख्य रोड व आनंद नगर में बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है।

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