राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय में कला-संवेदनशील हेल्थ सेंटर बनेगा। गायन, वादन, नृत्य और रंगमंच विद्यार्थियों को विशेष चिकित्सा, फिजियो …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 22 Feb 2026 07:37:06 AM (IST)Updated Date: Sun, 22 Feb 2026 07:37:06 AM (IST)

MP में संगीत एवं कला विश्वविद्यालय में कला की विधाओं के हिसाब से बनेगा पहला हेल्थ सेंटर
राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय में हेल्थ सेंटर विकसित होगा।

HighLights

  1. विश्वविद्यालय में बनेगा कला-संवेदनशील हेल्थ सेंटर।
  2. गायन विद्यार्थियों को मिलेगा वोकल केयर क्लिनिक।
  3. वाद्य कलाकारों हेतु फिजियोथेरेपी सत्र आयोजित होंगे।

विक्रम सिंह तोमर, नईदुनिया ग्वालियर। प्रदेश के एकमात्र राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय में प्रस्तावित हेल्थ सेंटर को कला-संवेदनशील स्वास्थ्य मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह केंद्र संगीत, नृत्य, नाटक और ललित कला से जुड़े विद्यार्थियों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार होगा।

गायन विद्यार्थियों के लिए वोकल केयर क्लिनिक, वाद्य कलाकारों व चित्रकारों के लिए फिजियोथेरेपी, नृत्य विद्यार्थियों के लिए स्पोर्ट्स इंजरी प्रबंधन की सुविधा दी जाएगी। यह पहला हेल्थ सेंटर कला और स्वास्थ्य के समन्वय का अभिनव उदाहरण बनेगा।

बता दें कि प्राथमिक तौर पर यह नवाचार विश्वविद्यालय स्तर पर होगा और शीघ्र ही प्रदेश स्तर पर कॉलेजों में भी यह केंद्र शुरू किया जाएगा। गायन के विद्यार्थियों के लिए वोकल केयर क्लिनिक में श्वसन क्षमता परीक्षण, स्वर तंत्र की जांच और गला संरक्षण पर विशेषज्ञ परामर्श मिलेगा। नियमित रियाज के कारण होने वाली आवाज संबंधी समस्याओं की वैज्ञानिक निगरानी भी की जाएगी। इसका फायदा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को होगा।

लंबे अभ्यास के दर्द में होगी राहत

  • वाद्य यंत्र बजाने वाले कलाकारों और चित्रकारों के लिए फिजियोथेरेपी, मांसपेशीय देखभाल और पाश्चार सुधार सत्र आयोजित होंगे, ताकि लंबे अभ्यास से होने वाले दर्द और तनाव को कम किया जा सके।
  • वहीं नृत्य के विद्यार्थियों को स्पोर्ट्स इंजरी प्रबंधन, स्ट्रेचिंग गाइडेंस और पुनर्वास (रीहैबिलिटेशन) सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे चोट के बाद शीघ्र और सुरक्षित वापसी कर सकें। रंगमंच कलाकारों के लिए मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, तनाव प्रबंधन कार्यशालाएं, योग और ध्यान सत्र भी इस केंद्र का हिस्सा होंगे।

‘कला एवं संगीत के विद्यार्थियों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर यह नवाचार किया जा रहा है। इसके परिणाम भविष्य में काफी सकारात्मक होंगे। यह केंद्र विद्यार्थियों के लिए बेहद आवश्यक है।’ अरुण चौहान, कुलसचिव, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर।



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