Gwalior News: निजी हॉस्पिटल में डायलिसिस टेक्नीशियन के साथ साइबर ठगी हो गई। उसके मोबाइल पर आरटीओ चालान के नाम से एपीके फाइल आई। एपीके फाइल डाउनलोड करत …और पढ़ें

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। निजी हॉस्पिटल में डायलिसिस टेक्नीशियन के साथ साइबर ठगी हो गई। उसके मोबाइल पर आरटीओ चालान के नाम से एपीके फाइल आई। एपीके फाइल डाउनलोड करते ही मालवेयर के जरिये मोबाइल हैक किया गया। उसके खाते से 6.56 लाख रुपये निकल गए।
इतना ही नहीं ठग ने लोन भी निकाल लिया। साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत आने के बाद ई-जीरो एफआइआर दर्ज हुई है। थाने पहुंचकर फरियादी ने मूल एफआइआर कराई। अब पुलिस पड़ताल कर रही है।
अंजान नंबर से वाट्सएप मैसेंजर पर मैसेज आया था
मुरार थाना क्षेत्र के अंतर्गत काशीपुरा में रहने वाले शिवनारायण धाकड़ पुत्र छोटाराम धाकड़ मुरार के ही निजी अस्पताल में काम करते हैं। इनके मोबाइल पर 22 जनवरी को अंजान नंबर से वाट्सएप मैसेंजर पर मैसेज आया। मैसेज खोला तो उसमें आरटीओ चालान नाम से फाइल थी। इन्हें लगा कि उनका ई-चालान बन गया होगा।
इस पर क्लिक किया तो वह एपीके फाइल निकली। बेटे को बताया तो बेटे ने इसे डिलीट भी कर दिया। कुछ देर बाद ही पे-वॉलेट में से करीब 90 हजार रुपये कट गए। खाते में सिर्फ एक रुपया ही रह गया था। फिर बैंक पहुंचे तो उनके खाते से आरटीजीएस के जरिये चार लाख 99 हजार 900 रुपये दूसरे खाते में भेज दिए गए।
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66 हजार रुपये का इंस्टेंट लोन निकाला
फिर एक लाख 56 हजार 76 रुपये भी आइएमपीएस किए गए। खाते से छह लाख 56 हजार 660 रुपये निकाल लिए। इसके अलावा पांच लाख रुपये का जंबो और 66 हजार रुपये का इंस्टेंट लोन निकाला गया। जब यह पता लगा तो उन्होंने साइबर हेल्पलाइन में शिकायत की। ई-जीरो एफआइआर दर्ज होने के बाद शनिवार रात को थाने में मूल एफआइआर दर्ज हुई।
आरटीओ चालान के नाम से एपीके फाइल आती थी। इसके जरिये मोबाइल हैक हुआ और खाते से रुपये निकाले गए। ठगों ने लोन भी निकाला। बैंक खाते के जरिये पड़ताल कर रहे हैं।
-सतीश यादव, एसआइ, थाना मुरार
