रायसेन के सर्वोदय वेयरहाउस से इस बार करीब 80 लाख रुपये कीमत की मूंग गायब होने का मामला है। प्रशासन की जांच में बड़ी लापरवाही और गड़बड़ी सामने आने के बाद वेयरहाउस की मालिक एकता जैन, अर्पित जैन और प्रबंधक अवधेश गौर पर सिलवानी थाने में केस दर्ज कर लिया गया है।

तीन जून को जब स्टॉक का मिलान किया गया तो वेयरहाउस से भारी मात्रा में मूंग गायब मिली। इसकी कीमत लगभग 80 लाख रुपये आंकी गई। किसानों और व्यापारियों की जमा पूंजी पर संकट देखकर हड़कंप मच गया। मामला कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा तक पहुंचा। उन्होंने तुरंत अपर कलेक्टर मनोज उपाध्याय के नेतृत्व में जांच टीम गठित की।

जांच प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंपा गया


अपर कलेक्टर मनोज उपाध्याय और उनकी टीम ने वेयरहाउस के दस्तावेज, एंट्री रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। किसानों के बयान भी दर्ज किए। जांच में पाया गया कि रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक में भारी अंतर है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रबंधन की लापरवाही साफ नजर आई। जांच प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंपा गया।

केस किया गया दर्ज


जांच रिपोर्ट में तीनों को प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने सख्त रुख अपनाया। उनके निर्देश पर बीती देर शाम सिलवानी थाने में वेयरहाउस मालिक एकता जैन, अर्पित जैन और प्रबंधक अवधेश गौर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराओं में केस कायम किया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सर्वोदय वेयरहाउस अपने निर्माण के समय से ही विवादों में रहा है। पहले भी स्टॉक में हेराफेरी और किसानों को भुगतान में देरी की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। हर बार जांच होती है, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से हौसले बुलंद रहते हैं। इस बार 80 लाख रुपये की मूंग गायब होने से किसान बेहद नाराज हैं।

पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है


जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। मूंग कहां गई, किसे बेची गई, इसकी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि वसूली की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी, ताकि किसानों को नुकसान न हो।



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यह मामला प्रदेश के सभी वेयरहाउस संचालकों के लिए सबक है। किसानों की फसल सुरक्षित रखना उनकी पहली जिम्मेदारी है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि अब जिले के सभी वेयरहाउसों की औचक जांच होगी। रिकॉर्ड में गड़बड़ी या स्टॉक कम मिलने पर सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी।

फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों की तलाश और साक्ष्य जुटाने में लगी है। किसानों को उम्मीद है कि इस बार कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगी और उन्हें उनकी मूंग की कीमत वापस मिलेगी।

बेयर हाउस से 80 लाख की मूंग गायब

वेयरहाउस से मूंग गायब।

 



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