ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर 10 लाख रुपये से भरा बैग चोरी होने की सूचना से हड़कंप मच गया। जांच में बैग गतिमान एक्सप्रेस के कोच में मिला और इंजीनियर को लौट …और पढ़ें

HighLights
- इंजीनियर ने 10 लाख रुपये वाला बैग गायब बताया।
- जीआरपी ने तत्काल सीसीटीवी फुटेज खंगालकर जांच शुरू की।
- फुटेज में यात्री बिना बैग के चलता दिखाई दिया।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर मंगलवार की सुबह 10 लाख रुपये से भरा बैग चोरी होने की सूचना से हड़कंप मच गया। निजी कंपनी में कार्यरत एक इंजीनियर ने बुरी तरह घबराई हुई स्थिति में जीआरपी को बैग गायब होने की सूचना दी।
पुलिसकर्मियों के भी हाथ-पांव फूल गए। तत्काल ही मामले की जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तो इंजीनियर प्लेटफार्म व सर्कुलेटिंग एरिया में बिना बैग के चलते हुए नजर आए। जब उनसे पूछताछ की गई, तो उन्होंने बताया कि वे दिल्ली से ग्वालियर गतिमान एक्सप्रेस के सी-8 कोच में आए हैं। जीआरपी ने ट्रेन में मौजूद सुरक्षाकर्मियों व स्टाफ से संपर्क कर जब कोच को चेक कराया, तो उसमें रुपयों से भरा बैग बरामद हो गया। इसके बाद इस बैग को वापस यात्री को लौटाया गया।
घबराने के कारण बताई झूठी कहानी
- यात्री ने बताया कि इतनी बड़ी रकम ट्रेन में छूटने के कारण वह घबरा गए थे। इसी कारण से बैग छूटने के बजाय गायब होने की कहानी पुलिस को सुनाई। जानकारी के मुताबिक एक निजी कंपनी में ओडिसा में पदस्थ इंजीनियर राजीव खन्ना मंगलवार को गतिमान एक्सप्रेस के सी-8 कोच की सीट नंबर 30 पर हजरत निजामुद्दीन से ग्वालियर की यात्रा कर रहे थे।
- उनके पास एक बैग में 10 लाख रुपये नगद रखे हुए थे। ट्रेन के ग्वालियर पहुंचने पर वे बैग कोच में ही भूल गए और उतर गए। जब ट्रेन आगे के लिए रवाना हो गई, तब उन्हें बैग के बारे में याद आया।
पैसा बरामद कर इंजीनियर को लौटाए
पुलिस समझ गई कि सूटकेस ट्रेन के भीतर ही छूटा है। चूंकि प्लेटफार्म पर जहां कोच खड़ा हुआ था, वहां कैमरे नहीं थे, इसलिए टीआइ दीपशिखा तोमर ने तुरंत गतिमान एक्सप्रेस में चल रहे जीआरपी के आन-ड्यूटी स्टाफ से संपर्क किया। स्टाफ को बैग कोच में ही मिल गया, जिसे बरामद कर इंजीनियर को पैसे लौटा दिए गए।
