एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से इसको लेकर विमान कंपनियों को सूचना भेज दी गई है जिससे वे अपने यात्री विमानों में इस सुविधा को शुरू कर सकें। …और पढ़ें

HighLights
- कार्गो सेवाओं का विस्तार
- मुंबई और बेंगलुरु की उड़ानों को मिलेगा लोड
- इंडस्ट्रियल हब्स से जुड़ेगा ग्वालियर का व्यापार
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। प्रदेश के सबसे भव्य एयर टर्मिनल में शामिल ग्वालियर एयरपोर्ट को कार्गों सेवाओं के तहत ई-कॉमर्स ट्रांसपोर्टेशन का अप्रूवल मिल गया है। इसको लेकर काफी समय से इंतजार किया जा रहा था जो कि अब मिल गया है। ई-कॉमर्स के तहत सामान कंपनियां विमान के जरिये ग्वालियर से दूसरे शहरों के लिए भेज सकेंगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से इसको लेकर विमान कंपनियों को सूचना भेज दी गई है जिससे वे अपने यात्री विमानों में इस सुविधा को शुरू कर सकें।
कंपनियां अब जल्द अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं। पहले छोटे सामान से शुरुआत की जा रही है इसके बाद बड़े सामान भी भेजे जा सकेंगे। कार्गों सेवाओं को एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा विस्तार करने की दिशा में काम किया जा रहा है। वहीं वर्तमान में तीन शहरों के लिए ग्वालियर एयरपोर्ट के पास फ्लाइटें हैं जिसमें दिल्ली, मुंबई व बेंगलुरु शामिल हैं।
बता दें कि ग्वालियर एयरपोर्ट प्रदेश में हेरिटेज झलक के साथ भव्य एयरपोर्ट में शामिल हैं। यहां से वर्तमान में ज्यादा शहरों के लिए अभी फ्लाइट नहीं हैं। बेंगलुरु के लिए दो कंपनियों की सेवा है जिसमें अकासा एयरलाइंस और एयर इंडिया एक्सप्रेस शामिल हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस की सेवा सीधी बेंगलुरु के लिए है और अकासा की सेवा हाल में शुरू की गई है जो पहले दिल्ली जाती है और फिर वहां से बेंगलुरु के लिए रवाना होती है।
भीषण गर्मी इसलिए पर्यटक कम आ रहे
ग्वालियर में गर्मी भीषण पड़ती है यही कारण है कि इन दिनों बाहर से पर्यटक कम आ रहे हैं। इसके अलावा ग्वालियर आइटी सेक्टर व इंडस्ट्रियल में बड़ा हब नहीं है। इसलिए उतना ट्रैफिक यात्रियों का नहीं मिल पाता, जितना इतने बड़े एयरपोर्ट पर मिलना चाहिए। बेंगलुरु और मुंबई इंडस्ट्रियल हब होने के साथ आइटी कंपनियों की संख्या भी काफी रखते हैं और इसी कारण जो फ्लाइट चल रहीं हैं उनका लोड ग्वालियर को मिल पा रहा है।
दिल्ली के लिए विकल्प अधिक इसलिए लोड फुल नहीं
ग्वालियर से दिल्ली जाने के लिए ट्रेनों की उपलब्धता बेहतर है, यहां से गतिमान, शताब्दी एक्सप्रेस और वंदेभारत जैसी ट्रेनें भी हैं। इसके अलावा रूटीन ट्रेनें भी संचालित हैं। यही कारण है कि पहले एयरपोर्ट जाकर फ्लाइट लेना फिर दिल्ली एयरपोर्ट से बाहर निकलने के लिए समय लगना, इन सब से बचने के लिए यात्री ट्रेन के जरिए अपना समय अधिक बचा लेते हैं। बेंगलुरु और मुंबई के लिए लोड ठीक इन दिनों मिल रहा है।
