अब दक्षिण-पश्चिमी मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। केंद्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा संकेतों के अनुसार, अब मानसून के ग्वालियर सहित देश के अन्य हिस्सों …और पढ़ें
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। केरल में भले ही मानसून तीन दिन की देरी से 4 जून को पहुंचा हो, लेकिन अब दक्षिण-पश्चिमी मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। केंद्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा संकेतों के अनुसार, अब मानसून के ग्वालियर सहित देश के अन्य हिस्सों में समय पर पहुंचने की पूरी उम्मीद है।
मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, ग्वालियर-चंबल अंचल में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 25 जून मानी जाती है। शुरुआती पूर्वानुमान में मानसून के देरी से आने की आशंका जताई गई थी, लेकिन वर्तमान गति को देखते हुए माना जा रहा है कि इस बार 25 जून के आसपास अंचल में पहली मानसूनी वर्षा हो जाएगी।
पिछले साल और इस साल का गणित
पिछले साल मानसून ने अंचल में उम्मीद से उलट तेजी दिखाई थी और तय समय से छह दिन पहले यानी 19 जून को ही दस्तक दे दी थी। परिणामस्वरूप, पिछले साल ग्वालियर ने सौ सालों की रिकॉर्ड तोड़ वर्षा दर्ज की थी।
इस साल का ‘आउटलुक’ थोड़ा अलग, सामान्य से कम वर्षा का अनुमान
इस बार मौसम विभाग ने सामान्य से कम वर्षा होने का पूर्वानुमान जारी किया है। भोपाल मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अरुण शर्मा के मुताबिक मानसून ने रफ्तार पकड़ी है और केरल को छोड़कर अन्य जगहों पर तेजी से पहुंच रहा है।
