यह रसोई न केवल गरीब और बेसहारा लोगों का पेट भर रही है, बल्कि शहर के सेवाभावी नागरिकों को भी पुण्य कमाने का एक बड़ा जरिया दे रही है। …और पढ़ें

HighLights
- दीनदयाल रसोई और संस्थाओं की अनूठी पहल
- सिर्फ 5 हजार रुपये में 1000 लोगों को अन्नदान
- अस्पतालों में मरीजों के स्वजनों का सहारा
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। अन्नदान अब केवल सामाजिक सेवा नहीं, बल्कि एक सुव्यवस्थित जनसहयोग अभियान का रूप ले चुका है। सरकारी दीनदयाल रसोई योजना और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रयासों से प्रतिदिन हजारों जरूरतमंद, मरीज और उनके स्वजन भरपेट भोजन प्राप्त कर रहे हैं। शहर में एक ओर जहां सरकारी योजना के तहत दीनदयाल रसोई मात्र पांच रुपये में लोगों को भर पेट भोजन उपलब्ध करा रही है, वहीं दूसरी ओर कई सामाजिक संस्थाएं भी कंधे से कंधा मिलाकर कोई भूखा न सोए के संकल्प को साकार कर रही हैं।
उल्लेखनीय है कि सात जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाएगा। इस मौके पर ग्वालियर में सामाजिक संस्थाओं द्वारा की जा रही सेवा को अनुकरणीय माना जा सकता है। वर्तमान में चल रही दीनदयाल रसोई की थाली में चार रोटियां, चावल, दाल और हरी सब्जी शामिल रहती है। यह रसोई न केवल गरीब और बेसहारा लोगों का पेट भर रही है, बल्कि शहर के सेवाभावी नागरिकों को भी पुण्य कमाने का एक बड़ा जरिया दे रही है। दीनदयाल रसोई ने दानदाताओं के लिए एक बेहद सुलभ और अनूठी व्यवस्था शुरू की है।
अब यदि कोई व्यक्ति अपनी श्रद्धा अनुसार बड़े पैमाने पर अन्नदान करना चाहता है, तो वह मात्र पांच रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से बुकिंग करा सकता है। यदि आप एक हजार लोगों को भोजन कराना चाहते हैं, तो महज पांच हजार रुपये की बुकिंग राशि देकर भोजन तैयार करवा सकते हैं। आपके द्वारा तय किए गए स्थान पर चलित दीनदयाल रसोई (मोबाइल वैन) भोजन लेकर खुद पहुंचेगी। दानदाता चाहें तो खुद अपने हाथों से भोजन वितरित कर सकते हैं, जिसमें रसोई के कर्मचारी भी उनकी पूरी मदद करेंगे।
