जो मांगो सो मिले, महाकाल के दरबार से कभी कोई खाली नहीं जाता – इस कहावत को सच करती एक तस्वीर बुधवार सुबह श्री महाकालेश्वर मंदिर में दिखाई दी। भस्म आरती की अलौकिक बेला में भक्तों ने अपनी पूरी हुई मन्नतों को पूर्ण करते हुए बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट, कुंडल और छत्र अर्पित किए।
चंडीगढ़ निवासी शिवम अपने पूरे परिवार के साथ महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे। उनकी कोई बड़ी मनोकामना बाबा ने पूरी की थी। आभार जताने के लिए वे अपने साथ लगभग 250 ग्राम वजनी चांदी का मुकुट और कुंडल लाए। भस्म आरती के दौरान पुजारियों के मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने ये भेंट बाबा के चरणों में रख दी। इससे पहले भी एक अन्य श्रद्धालु ने आरती में चांदी का छत्र और मुकुट चढ़ाया था। मंदिर समिति ने दोनों दानदाताओं को शॉल-श्रीफल देकर सम्मानित किया और विधिवत दान की रसीद सौंपी।
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नन्हे भक्त ने की बड़ी कामना
सुबह का सबसे मार्मिक पल तब आया जब एक नन्हा भक्त लव्यम अपने जन्मदिन पर बाबा के दर्शन को पहुंचा। केक और गिफ्ट की जगह उसने महाकाल से सिर्फ एक दुआ मांगी कि बाबा, मेरी दादी को हमेशा तंदुरुस्त रखना। उसकी मासूम श्रद्धा देखकर गर्भगृह में मौजूद पुजारी और श्रद्धालु भी भावुक हो उठे।
सबकी मनोकामना पूर्ण करते हैं बाबा महाकाल
महाकाल मंदिर के पुजारी पंडित अमर शर्मा ने बताया कि ये बाबा महाकाल की महिमा है। लाखों लोग रोज यहां आते हैं, अपनी अर्जी लगाते हैं। बाबा सबकी सुनते हैं। मनोकामना पूरी होने पर भक्त अपनी श्रद्धा अनुसार सोना, चांदी, छत्र या अन्य सामग्री भेंट करते हैं। आज भस्म आरती में चढ़ा ये चांदी का मुकुट उसी अटूट विश्वास की निशानी है।

बाबा महाकाल को चढ़ाया चांदी का मुकुट

बाबा महाकाल को भेंट
