नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। यदि आप ग्वालियर की सड़कों पर पुराना दुपहिया या चार पहिया वाहन चला रहे हैं और उसका नियंत्रित प्रदूषण प्रमाण पत्र बनवाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के नौ जून से लागू किए गए एक नए नियम ने वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

अब पीयूसी केंद्रों पर वाहनों का प्रदूषण प्रमाण पत्र तभी जारी हो पा रहा है, जब वाहन पोर्टल पर दर्ज वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर आया हुआ वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) सिस्टम में दर्ज किया जाता है। इस नए नियम के आते ही पीयूसी केंद्रों पर तकनीकी पेच फंस गया है, जिसका सीधा फायदा उठाकर वाहन चालकों से अतिरिक्त वसूली की जा रही है।

जिन वाहन स्वामियों के पुराने वाहनों के साथ उनका मौजूदा मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, उनसे नंबर अपडेट करने के नाम पर 200 से 300 रुपये की अतिरिक्त वसूली की जा रही है।

इसलिए हो रही है परेशानी

शहर के अधिकांश प्रदूषण जांच केंद्रों पर इन दिनों वाहन चालकों और केंद्र संचालकों के बीच तीखी बहस देखने को मिल रही है। दरअसल, कई साल पुराने वाहनों के रजिस्ट्रेशन के समय या तो डीलर ने कोई गलत नंबर दर्ज कर दिया था या फिर लोगों के वे मोबाइल नंबर अब बंद हो चुके हैं।

नियम के मुताबिक, जैसे ही केंद्र संचालक गाड़ी का नंबर सिस्टम में दर्ज करता है, ओटीपी पुराने नंबर पर चला जाता है। बिना ओटीपी के सॉफ्टवेयर आगे प्रोसेस ही नहीं होता। ऐसे में बिना प्रमाण पत्र के भारी-भरकम चालान से बचने के लिए वाहन चालक मजबूरन केंद्रों पर ही नंबर अपडेट कराने को तैयार हो रहे हैं।

मजबूरी का फायदा उठा रहे केंद्र संचालक

प्रदूषण जांच की निर्धारित सरकारी फीस दुपहिया के लिए 60 से 80 रुपये और चार पहिया के लिए 100 से 150 रुपये है। लेकिन वर्तमान में ग्वालियर के कई केंद्र संचालक वाहन चालकों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। वे पोर्टल पर मोबाइल नंबर लिंक या अपडेट करने के नाम पर 200 से 300 रुपये तक अतिरिक्त वसूल रहे हैं।

ग्रामीण अंचलों या कम पढ़े-लिखे वाहन चालकों को इसकी प्रक्रिया पता न होने के कारण वे चुपचाप यह राशि चुका रहे हैं।

खुद भी कर सकते हैं मोबाइल नंबर अपडेट

सबसे पहले परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट parivahan.gov.in पर जाएं।

यहां “Vehicle Related Services” का चयन करें और अपने राज्य में Madhya Pradesh चुनें।

इसके बाद अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।

सर्विसेज मेन्यू में जाकर “Update Mobile Number” के विकल्प पर क्लिक करें।

यहां गाड़ी का चेसिस नंबर, इंजन नंबर और रजिस्ट्रेशन की तारीख दर्ज कर सबमिट करें।

इसके बाद आप अपना नया मोबाइल नंबर दर्ज कर उस पर आए ओटीपी के जरिए इसे तुरंत अपडेट कर सकते हैं।

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