रेलवे स्टेशन बस स्टैंड के साथ साथ यहां से भी भिंड व मुरैना की बसों का संचालन किया जाएगा। …और पढ़ें

HighLights
- यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
- सांसद और ऊर्जा मंत्री ने ली बैठक
- ऑटो-टेंपो का किराया तय करेगी पुलिस प्रशासन
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। 77 करोड़ की लागत से तैयार किया गया मल्लगढ़ा स्थित इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) से 15 जून को बसें दौड़ेंगी। इस तिथि से यहां से भिंड व मुरैना के लिए भी बसें उपलब्ध होंगी। रेलवे स्टेशन बस स्टैंड के साथ साथ यहां से भी भिंड व मुरैना की बसों का संचालन किया जाएगा।
वीडियोकोच बसों के संचालन पर हुए एक राय
शहर के लोगों आईएसबीटी तक पहुंचने के लिए सवारी वाहन मिलें, इसके लिए आटो व टेंपो की दरों का निर्धारण अफसरों द्वारा किया जाएगा और उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा वीडियोकोच बसों का संचालन भी आईएसबीटी से करने को लेकर बैठक में सहमति बनी है।
सोमवार यानी एक जून से रेलवे स्टेशन बस स्टैंड से भिंड मुरैना की बसों को आईएसबीटी पहुंचाया जाएगा। इस तरह यह ट्रायल चलेगा और 15 जून से हर बस को आईएसबीटी पहुंचना होगा। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में घोषणा के बाद सांसद भारत सिंह कुशवाह और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की मौजूदगी में सोमवार को कलेक्टर, एसपी, आरटीओ और बस आपरेटरों की अहम बैठक हुई, जिसमें यह निर्णय लिया गया।
यातायात प्रबंधन के लिए ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं सांसद भारत सिंह कुशवाह ने संयुक्त रूप से बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। ग्वालियर से मुरैना एवं भिंड जाने वाले यात्रियों के लिये अब पुराने बस स्टैंड के साथ- साथ ग्वालियर में आईएसबीटी से भी यात्री बसें उपलब्ध होंगीं। ऊर्जा मंत्री तोमर एवं सांसद ने सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर 15 जून से आईएसबीटी से भी बसों का संचालन प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं।
सूत्र सेवा बस का भी होगा संचालन: बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि स्मार्ट सिटी द्वारा संचालित ‘द सूत्र बस सेवा’ का संचालन भी आईएसबीटी बस स्टैंड से ही किया जाएगा। यातायात प्रबंधन के लिए आयोजित बैठक में ग्वालियर शहर से संचालित वीडियोकोच बसों का संचालन भी आईएसबीटी (अंतरराज्यीय बस स्टैंड) से करने की सहमति हुई। इस संबंध में वीडियोकोच बस संचालकों से भी चर्चा की जाएगी। पुराने बस स्टैंड से आईएसबीटी तक पहुंचने के लिए यात्रियों को बेहतर परिवहन व्यवस्था उपलब्ध हो, इसके लिए पुलिस के माध्यम से आटो एवं अन्य सवारी वाहनों की दरें भी निर्धारित की जाएंगी, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
