मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को त्विषा शर्मा मौत मामले में मिली अग्रिम जमानत रद्द कर दी है। जबलपुर में बुधवार को सुनवाई करते हुए अवकाशकालीन न्यायाधीश देवनारायण मिश्रा ने कहा कि मामले के तथ्यों और लगाए गए आरोपों को देखते हुए भोपाल की सत्र अदालत द्वारा 15 मई 2026 को दी गई अग्रिम जमानत को निरस्त किया जाता है। अदालत ने दहेज प्रताड़ना और अन्य गंभीर आरोपों से जुड़े मामले में गिरिबाला सिंह की जमानत रद्द करने की मांग वाली याचिकाएं स्वीकार कर लीं।

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‘आखिरकार त्विषा मामले में न्याय हुआ’

त्विषा शर्मा के परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि आखिरकार त्विषा मामले में न्याय हुआ है। उन्होंने कहा कि गिरिबाला सिंह 36 वर्षों तक न्यायिक सेवा में रही हैं, इसलिए कानून के प्रति सम्मान दिखाते हुए उन्हें सीबीआई के सामने आत्मसमर्पण कर जांच में सहयोग करना चाहिए।

सीबीआई हिरासत में भेजे गए समर्थ सिंह

इससे पहले भोपाल की एक अदालत ने त्विषा शर्मा के पति समर्थ सिंह को सीबीआई हिरासत में भेज दिया। इसके बाद सीबीआई की टीम समर्थ सिंह को लेकर कटारा हिल्स स्थित गिरिबाला सिंह के घर पहुंची और मामले की आगे जांच की।

12 मई को अपने सुसराल में फांसी पर लटकी मिली थी त्विषा

सीबीआई ने सोमवार को पूर्व मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा की मौत की जांच अपने हाथ में ली थी। त्विषा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में फांसी के फंदे पर लटकी मिली थीं। सीबीआई ने मध्य प्रदेश पुलिस की एफआईआर को दोबारा दर्ज करते हुए पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया है।



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