मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मध्य प्रदेश संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने 25 मई को सामूहिक हड़ताल और भोपाल में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। हजारों कर्मचारी राजधानी की सड़कों पर उतरकर सरकार की कथित वादाखिलाफी, दमनकारी नीति और शोषण के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। संघ का दावा है कि अगर सरकार ने मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया तो इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

स्वास्थ्य व्यवस्था की जिम्मेदारी, लेकिन सुविधाएं नहीं

आउटसोर्स कर्मचारी जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, शहरी स्वास्थ्य केंद्रों और मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक समेत कई सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि नियमित कर्मचारियों की संख्या लगातार कम होने के कारण स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का बड़ा भार अब आउटसोर्स कर्मियों पर आ चुका है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं।

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महीनों से वेतन नहीं, नौकरी जाने का डर

संघ के मुताबिक प्रदेश के कई जिलों में कर्मचारियों को पिछले 5 से 6 महीने से वेतन नहीं मिला है। इससे हजारों परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि न तो न्यूनतम वेतन को लेकर स्पष्ट नीति बनाई गई है और न ही स्वास्थ्य बीमा, अनुकंपा नियुक्ति या नौकरी सुरक्षा जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि कई लोग 10 साल से ज्यादा समय से सेवा दे रहे हैं, लेकिन अब तक नियमितीकरण को लेकर कोई आदेश जारी नहीं हुआ। ऐसे में हर समय नौकरी जाने का डर बना रहता है।

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भोपाल में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी

संघ ने कहा है कि 25 मई को भोपाल में प्रदेशभर से कर्मचारी जुटेंगे और बड़ा प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन के जरिए सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि इसके बाद भी सरकार ने ठोस निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया जाएगा। संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने कहा कि सरकार की नीतियों और लगातार हो रही उपेक्षा के कारण कर्मचारी मानसिक और आर्थिक तनाव से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वेतन वृद्धि नहीं होने और समय पर भुगतान न मिलने से कर्मचारियों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।

 



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