भोपाल में घटित त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले ने देशभर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। यह पूरा मामला अब काफी हाईप्रोफाइल बन चुका है। अब मुद्दे पर भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय झा का ताजा बयान सामने आया है। मीडिया को जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि गिरीबाला सिंह को हमने तीन नोटिस जारी किए हैं। अब वह इससे इनकार कर रही हैं, यह अलग बात है, लेकिन नोटिस दिए गए थे।

वह गंभीर अपराधों की आरोपी हैं। मामले में किसी तरह की कोई अनियमितता नहीं है। हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द उनसे पूछताछ की जाए। हमें पूरी प्रक्रिया का पालन करना होता है। हमने कोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत निरस्त करने के लिए भी आवेदन लगाया है। जांच में कोई लापरवाही नहीं हुई है। हमने निष्पक्ष और पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की है और सब कुछ रिकॉर्ड में मौजूद है।”

 

ये भी पढ़ें- MP: दोबारा पोस्टमार्टम से कौन से राज खुलेंगे? गिरिबाला सिंह की जमानत के खिलाफ क्यों खड़ी हुई सरकार? जानिए!

‘कोर्ट ने जेडीए को लिखा पत्र’

त्विषा शर्मा के शव के दूसरे पोस्टमार्टम को लेकर एम्स दिल्ली द्वारा यह कहे जाने पर कि उन्हें अभी तक कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है, भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा, “कोर्ट ने इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को पत्र लिखा है। हम जीएडी के साथ समन्वय कर रहे हैं और कोशिश कर रहे हैं कि टीम जल्द से जल्द यहां पहुंचे। जीएडी भी अपनी प्रक्रिया पूरी कर रहा है और हम लगातार उनके संपर्क में हैं। दिल्ली एम्स की एक टीम भोपाल आएगी।

ये भी पढ़ें- Twisha Sharma Case: समर्थ से हुई पूछताछ, इन सवालों ने बढ़ाई मुश्किलें!, सात दिन की रिमांड की तैयारी में पुलिस

‘हम सात दिन की रिमांड मांगेंगे’

त्विषा शर्मा के पति समर्थ सिंह को पुलिस हिरासत में लिए जाने पर भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा, “सबसे पहले उनका मेडिकल कराया जाएगा और कोर्ट से पीआर (पर्सनल रिकॉग्निजेंस बॉन्ड) लिया जाएगा। हम सात दिन की रिमांड मांगेंगे। उन्हें देर रात लाया गया था, इसलिए कुछ प्रक्रियाओं में समय लग रहा है। आगे उनसे पूछताछ की जाएगी, उसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।

 

जब उनसे विस्तार से पूछताछ होगी और यदि यह सामने आता है कि फरारी के दौरान किसी ने उन्हें शरण दी थी, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, वह जबलपुर कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे थे, लेकिन कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने की अनुमति नहीं दी। इस बीच मेरी टीम भी वहां मौजूद थी। इसके बाद मेरी टीम ने जबलपुर पुलिस की मदद से उन्हें हिरासत में ले लिया।”



 


 





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed