मुरैना शहर में 18 मई की आधी रात गोलियों की तड़तड़ाहट से दहशत फैल गई। कोतवाली थाना क्षेत्र में एक मकान पर छह बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर पूरे इलाके को दहला दिया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 72 घंटे के भीतर सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए 5 देशी कट्टे और 13 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

कोतवाली क्षेत्र निवासी राकेश सिंह सिकरवार ने 19 मई को थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 18 मई की रात करीब 3 बजे संजय कॉलोनी निवासी कार्तिक परमार उर्फ रितुल अपने साथियों के साथ उनके घर पहुंचा। आरोपियों ने बिना कुछ कहे ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज सुनकर जब राकेश बाहर निकले तो बदमाशों ने उनकी तरफ भी निशाना साधकर फायर किया। हालांकि वे बाल-बाल बच गए, लेकिन पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई।

सीएसपी दीपाली चंदेरिया के मुताबिक मुख्य आरोपी कार्तिक परमार ने पुरानी रंजिश के चलते अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भिंड से मुरैना बुलाया था। योजना के तहत सभी आरोपी रात में इकट्ठा हुए और हथियारों से लैस होकर फरियादी के घर पर हमला कर दिया। जांच में सामने आया कि गिरफ्तार छह आरोपियों में से चार भिंड जिले के रहने वाले हैं।

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पुलिस ने दबिश देकर कार्तिक परमार उर्फ रितुल निवासी संजय कॉलोनी मुरैना, पुष्पेंद्र भदौरिया निवासी बीटीआई रोड भिंड, आलोक भदौरिया निवासी शिवाजी नगर भिंड, मनु तोमर निवासी ग्राम बिकनासा भिंड, अभिषेक तोमर निवासी भिड़ोसा मुरैना और संजू राजावत को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से एक-एक देशी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद हुए। कुल 5 कट्टे और 13 कारतूस जब्त किए गए हैं।

घटना के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। फुटेज में छह संदिग्ध बाइक से आते-जाते दिखाई दिए थे। मोबाइल लोकेशन और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने भिंड और मुरैना में एक साथ दबिश दी। सबसे पहले कार्तिक को पकड़ा गया, जिसके बाद पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर बाकी आरोपियों को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया गया।

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि कार्तिक परमार का फरियादी परिवार से पुराना विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में उसने भिंड से अपने साथियों को बुलाकर दहशत फैलाने के इरादे से फायरिंग करवाई। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपियों तक हथियार कैसे पहुंचे और कहीं इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है।

सीएसपी दीपाली चंदेरिया ने बताया कि सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड लिया जाएगा। हथियारों की सप्लाई और वारदात में शामिल अन्य लोगों की भी गहराई से जांच की जा रही है। जल्द ही मामले में चालान पेश कर आरोपियों को सख्त सजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।



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